पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

सीएम की सुरक्षा के लिए बेदखली का फरमान:योगी के गोरखनाथ मंदिर से लगे मुस्लिमों के 11 मकान अधिग्रहित करेगी सरकार, लोगों का आरोप, धमकाकर कराए दस्तखत

गोरखपुर7 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
गोरखनाथ के पास यही वो मकान हैं जिन्हें गोरखनाथ की सुरक्षा के नाम पर अधिग्रहित किए जाने की तैयारी है। सभी 11  मकान मुस्लिम परिवारों के हैं। - Dainik Bhaskar
गोरखनाथ के पास यही वो मकान हैं जिन्हें गोरखनाथ की सुरक्षा के नाम पर अधिग्रहित किए जाने की तैयारी है। सभी 11 मकान मुस्लिम परिवारों के हैं।
  • सियासी दलों ने बोला सरकार पर हमला

गोरखनाथ मंदिर से लगे 11 मुस्लिम परिवारों के मकान खाली करने की तैयारी से यहां नया बखेड़ा खड़ा हो गया है। प्रशासन का तर्क है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास गोरखनाथ मंदिर से सटे पुराने गोरखनाथ के कुछ मकानों को सुरक्षा की दृष्टि से अधिग्रहण किया जा रहा है। इन मकानों की जगह पुलिस बैरक बनेंगे। लेकिन पेंच ये है कि यह सभी 11 मकान अल्पसंख्यक परिवारों के हैं। इनसे अधिग्रहण के लिए प्रशासन ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी करा लिया है।

भवन स्वामियों ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाया है कि प्रशासन माफिया मुख्तार अंसारी और आजम खान पर हुई कार्रवाई का हवाला देकर हमारे मकान खाली कराना चाहता है। हमें जबरिया धमकाकर सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करा लिए हैं। हम लोग सीएम योगी से मिले और बात किए बगैर मकान कतई नहीं छोड़ेंगे। हमें सीएम पर पूरा भरोसा है।

प्रशासन ने ऑफर के साथ दी धमकी

भास्कर से बात करते हुए इन भवन स्वामियों ने अपना दर्द साझा किया। उन्होंने कहा कि एक-एक ईंट रखकर हमने अपना खून-पसीना बहाकर मकान बनवाया है। इससे हमारे परिवार की बहुत सारी यादें जुड़ी हुई हैं। ऐसे में किसी भी कीमत पर हम मकान खाली नहीं करेंगे। सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले अनवर अली का कहना है कि इसी मकान में हमारी कई पुश्तें रहीं, इससे हमारे पूर्वजों की यादें जुड़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने हमें धमकाकर पहले तो सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करा लिए और अब मकान खाली कराना चाहता है।

मोहम्मद मुदस्सिर का आरोप है कि 27 अप्रैल को अचानक पुलिस व प्रशासन ने हमारे घर धावा बोल दिया। बिना किसी पूर्व सूचना के घरों की पैमाइश करने लगे और फिर मकान खाली करने के लिए कई तरह के आफर भी दिए। आरोप यह भी है कि प्रशासन ने मकान खाली करने के एवज में ऑफर के साथ धमकी भी दी। बोला कि मुख्तार अंसारी और आजम खान जैसे लोगों को जब सबकुछ छोड़ना पड़ा तो आप लोग क्या हैं।

मकान खाली करने का अल्टीमेटम मिलने से मुस्लिम परिवार सहमे हुए हैं।
मकान खाली करने का अल्टीमेटम मिलने से मुस्लिम परिवार सहमे हुए हैं।

डीएम बोले- कुछ जमीनें मंदिर की हैं, बाकी ने सहमति दी है

डीएम के विजेयेंद्र पांडियान ने बताया कि मंदिर से सटे मकानों में कुछ जमीनें मंदिर की हैं। जबकि कुछ अन्य लोगों की। जिसका अधिग्रहण कर यहां सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बैरक बनाए जाएंगे। लेकिन किसी से जबरदस्ती मकान नहीं खाली कराया जा रहा। अधिकांश लोगों ने अपनी स्वेच्छा से सहमति दी है। दो लोगों ने इसका विरोध किया है। वही लोग सहमति पत्र को वायरल कर रहे हैं।

डीएम ने बताया कि किसी भी भवन स्वामी के उपर ऐसा कोई दबाव नहीं है कि वह मकान खाली ही करें। अगर वे अपनी स्वेच्छा से जमीन देते हैं तो इसके एवज में उन्हें मुआवजा के साथ कई सरकारी लाभ दिए जाने का प्रावधान है। बावजूद इसके अगर कोई नहीं खाली करना चाहता तो उसके लिए कोई जबरदस्ती नहीं है।

2 मुस्लिम परिवारों ने नहीं दी सहमति

आपको बता दें कि बीते 27 अप्रैल को गोरखनाथ मंदिर गेट से सटे रोड पर पोस्ट ऑफिस से लेकर कब्रिस्तान तक के मकान जिला प्रशासन अधिग्रहण कर रहा है। बताया जा रहा है कि यहां मंदिर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बैरक बनाए जाएंगे। जिसके लिए बीते 27 अप्रैल को पुलिस व राजस्व टीम ने इन मकानों की पैमाइश भी की और 11 भवन स्वामियों से एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर भी कराया। लेकिन दो अन्य लोगों ने इस पत्र पर हस्ताक्षर करने से इंकार कर दिया। इसके बाद यह पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। पत्र के वायरल होते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई। कांग्रेस और सपा ने इसे राजनीतिक रूप देना शुरू कर दिया।

विपक्ष के नेताओं को इससे नया मुद्दा मिल गया है। अब वे यहां रोज चक्कर काट रहे हैं।
विपक्ष के नेताओं को इससे नया मुद्दा मिल गया है। अब वे यहां रोज चक्कर काट रहे हैं।

शुरू हो गई राजनीति, सपा व कांग्रेस ने बोला हमला

वहीं, कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष विश्वजीत सिंह ने भी शनिवार को पुराना गोरखनाथ इलाके में उन परिवारों से मुलाकात की, जिनके मकानों का अधिग्रहण किया जा रहा। विश्वविजय सिंह ने बताया कि यह लोग 100 वर्षों से अधिक समय से यहां पर रह रहे हैं। इन घरों में रह रहे लोग यहां दुकानों के जरिए अपनी आजीविका भी चला रहे हैं। उन्होंने भवन स्वामियों को आश्वस्त किया कि किसी भी कीमत पर उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि विकास व सुरक्षा के नाम पर गरीब लोगों को बेघर और विस्थापित करने की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समाजवादी पार्टी ने भी इस मामले पर ट्वीट कर प्रदेश सरकार पर हमला बोला है। सपा ने कहा है कि सीएम के गृह जनपद में बेखौफ अपराधी लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। वहीं, सुरक्षा का हवाला देकर सत्ता के दबाव में सहमति लेकर लोगों के घर खाली कराए जा रहे हैं। ध्यान भटकाने के लिए नए-नए प्रोपगेंडा और हथकंडे ही भाजपा का शासन है।

खबरें और भी हैं...