गोरखपुर की टीचर अनीता के जुनून की कहानी:कोरोना काल में स्कूल बंद हुआ तो बच्चों को पढ़ाने घर-घर पहुंचीं; एक रिक्वेस्ट पर स्टूडेंट के लिए बनाया था रोनाल्डो का वीडियो

गोरखपुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
कोरोना काल में आनलाइन पढ़ाई के लिए कई क्रिएटिव कंटेंट भी तैयार किए। जिसे मोबाइल में डाउनलोड भी नहीं करना पड़ता था। - Dainik Bhaskar
कोरोना काल में आनलाइन पढ़ाई के लिए कई क्रिएटिव कंटेंट भी तैयार किए। जिसे मोबाइल में डाउनलोड भी नहीं करना पड़ता था।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक ऐसी भी टीचर हैं, जिनके बच्चों के साथ शिक्षा विभाग भी फैन है। कोरोना काल में जब एक समय स्कूल बंद थे और हर कोई खुद को सुरक्षित करने में लगा हुआ था। तब प्राइमरी स्कूल की टीचर अनीता श्रीवास्तव बच्चों को पढ़ाने और उनके घरवालों को अवेयर करने उनके घर तक पहुंची। यही नहीं कोरोना काल में आनलाइन पढ़ाई के लिए कई क्रिएटिव कंटेंट भी तैयार किए। जिसे मोबाइल में डाउनलोड भी नहीं करना पड़ता था। अनिता के जुनून और बच्चों के प्रति समर्पण भाव का ही नतीजा है कि हर बच्चा इनका फैन हो जाता है।

प्राइमरी स्कूल सरैया में प्रधानाध्यापक हैं अनिता
गोरखपुर में स्थित प्राइमरी स्कूल सरैया में अनिता श्रीवास्तव बातौर प्रधानाध्यापक अपनी ड्यूटी पूरी इमानदारी और निष्ठा से निभाती हैं। स्कूल से घर आकर भी वो बैठती नहीं है, वो बच्चों को किस मैथर से आसानी से समझ में आ जाए इस पर अपना किएशन करना शुरू कर देती हैं। कोरोना काल में जब स्कूल बंद हुए तो उनको बच्चों की चिंता सताने लगी। रिस्क के बावजूद वो हिम्मत बनाकर बच्चों से मिलने कभी भी उनके घर निकल जाया करती थी।

ज्यादातर बच्चों के पास मोबाइल नहीं था, तो इसके लिए वो उस इलाके के सम्पन्न लोग या प्रधान से सम्पर्क कर उनसे एक घंटे के लिए बच्चों की पढ़ाई में मदद करने का निवेदन कर उन्हें इस अच्छे काम के लिए तैयार कर लेती थी। वहीं गरीब तबके के बच्चों के परिजनों को भी पढ़ाई का महत्व समझाना उन्हें बच्चे को पढ़ाने के लिए अवेयर करना अनिता का डेली का काम था।

अमेरिका तक बज चुका है अनिता के नाम का डंका
अनिता ने कोरोना काल में इंडिया के फेमस खिलाड़ियों का छोटा- छोटा वीडियो तैयार किया था। जिसमे सचिन तेंदुलकर, महेन्द्र सिंह धोनी और मिल्खा सिंह जैसे खिलाड़ी शामिल थे। वीडियो में खिलाड़ी का परिचय और उसके संघर्ष की कहानी होती थी। अनिता बताती है कि संघर्ष बच्चों को इसलिए बताना जरूरी है। क्योंकि बच्चे ये सोचते हैं कि जिनके पास पैसा होता है, वहीं बड़े खिलाड़ी बन सकते हैं। जबकि अधिकत्तर खिलाड़ी जमीन से ही संघर्ष करके उच्च स्थान हासिल करते हैं।

अनिता द्वारा बनाया गया इंडियन खिलाड़ियों का वीडियो अमेरिका में रहने वाले अनय को खूब पंसद आया। उस बच्चे ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने पसंदीदा फुटबाल खिलाड़ी क्रिस्टोनो रोनाल्डो की वीडियो स्टोरी बनाने की डिमांड कर दी। जिसके बाद टीचर ने बच्चे की डिमांड पर रोनाल्डो का वीडियो बनाकर उसे भेजा था। बाद में बच्चे ने भी टीचर को सोशल मीडिया पर थैंक्यू मैम लिखकर भेजा।

अनिता को मिल चुके हैं कई अवार्ड
अनीता 2018 में राज्य स्तरीय कहानी सुनाओ प्रतियोगिता की विजेता बनी। 2019 में राज्य स्तरीय आईसीटी जिले स्तर पर विजेता बनी। जिले स्तर पर भी कई अवार्ड इनकी झोली में आए हैं। यही नहीं इनके टैलेंट का लोहा गोरखपुर ही नहीं राजधानी के स्कूलों में भी बजता है। इनके बनाए वीडियो को शिक्षा विभाग हर जिले के स्कूल में वितरित कर चुका है। अनिता का मानना है कि स्कूल छोटा बड़ा नहीं होता है, हर बच्चे के अंदर कुछ ना कुछ टैलेंट जरूर होता है एक शिक्षक इस बात को अच्छे से समझ सकता है। समझने के साथ ही अगर शिक्षक बच्चे पर थोड़ा ध्यान मार्गदर्शन प्रदान कर दे तो उसका भविष्य उज्जवल हो जाता है।

खबरें और भी हैं...