गोरखपुर में PM का सपा पर तंज:लाल टोपी वालों को सिर्फ लाल बत्ती से मतलब, ये UP के लिए खतरे की घंटी

गोरखपुर2 महीने पहले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को गोरखपुर पहुंचे। मौका तो था 10 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स के उद्धाटन का, लेकिन प्रधानमंत्री ने मंच का इस्तेमाल विरोधियों पर तंज कसने के लिए किया। समाजवादी पार्टी का नाम लिए बगैर मोदी ने कहा, 'आज पूरा यूपी भलीभांति जानता है कि लाल टोपी वालों को लाल बत्ती से मतलब रहा है। इन्हें आपके दुख-तकलीफों से कोई मतलब नहीं है।'

प्रधानमंत्री बोले, 'लाल टोपी वालों को घोटालों के लिए, अपनी तिजोरी भरने के लिए, अवैध कब्जों के लिए, माफियाओं को खुली छूट देने के लिए सत्ता चाहिए। लाल टोपी वालों को सरकार बनानी है, आतंकवादियों पर मेहरबानी दिखाने के लिए, आतंकियों को जेल से छुड़ाने के लिए। याद रखिए, लाल टोपी वाले यूपी के लिए रेड अलर्ट हैं, यानी खतरे की घंटी।'

एयरपोर्ट पर उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ ने PM मोदी का स्वागत गमछा पहनाकर किया।
एयरपोर्ट पर उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ ने PM मोदी का स्वागत गमछा पहनाकर किया।

10 हजार करोड़ के प्रोजेक्ट्स का उद्धाटन किया

मोदी ने मंगलवार को गोरखपुर में 10 हजार करोड़ से बने खाद कारखाना, एम्स और बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज के रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (RMRC) का उद्घाटन किया। PM ने कहा कि पहले की सरकारों ने अपराधियों को संरक्षण देकर UP का नाम बदनाम कर दिया था। आज माफिया जेल में हैं और निवेशक दिल खोल कर UP में निवेश कर रहे हैं। यही डबल इंजन का डबल विकास है। इसलिए डबल इंजन की सरकार पर UP को विश्वास है।

PM ने और क्या कहा?

  • सब जानते थे कि गोरखपुर में एम्स की मांग बरसों से हो रही थी, लेकिन 2017 से पहले जो सरकार चला रहे थे, उन्होंने एम्स के लिए जमीन देने में हर तरह के बहाने बनाए।
  • सब जानते थे कि गोरखपुर का फर्टिलाइजर प्लांट, इस पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए, यहां रोजगार के लिए कितना जरूरी था, लेकिन पहले की सरकारों ने इसे शुरू करवाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।
  • आजादी के बाद से इस सदी की शुरुआत तक देश में सिर्फ 1 एम्स था। अटल जी ने 6 और एम्स स्वीकृत किए थे। बीते 7 वर्षों में 16 नए एम्स बनाने पर देशभर में काम चल रहा है। हमारा लक्ष्य ये है कि देश के हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज जरूर हो।
  • आज गोरखपुर और बस्ती डिवीजन के 7 जिलों में दिमागी बुखार के मामले करीब 90% तक कम हो गए हैं। जब सोच ईमानदार हो तो कोई भी रुकावट बाधा नहीं डाल सकती।
  • जब मैंने एम्स का शिलान्यास किया था, तो मैंने कहा था कि हम दिमागी बुखार से इस क्षेत्र को राहत दिलाने के लिए पूरी मेहनत करेंगे। हमने दिमागी बुखार फैलाने की वजह को दूर करने पर भी काम किया और इसका उपचार भी किया।
  • गोरखपुर में एम्स और ICMR रिसर्च सेंटर बनने से अब इंसेफेलाइटिस से मुक्ति के अभियान को और मजबूती मिलेगी। इससे दूसरी संक्रामक बीमारियां, महामारियों के बीच उसके बचाव में भी UP को बहुत मदद मिलेगी।
  • गन्ना किसानों के लिए लाभकारी मूल्य, हाल में साढ़े 300 रुपए तक बढ़ाया गया है। पहले की 2 सरकारों ने 10 साल में जितना भुगतान गन्ना किसानों को किया था, लगभग उतना योगी जी की सरकार ने अपने साढ़े 4 साल में किया है।
  • हमारी सरकार आने से पहले UP से सिर्फ 20 करोड़ लीटर इथेनॉल तेल कंपनियों को भेजा था। आज करीब 100 करोड़ लीटर इथेनॉल उत्तर प्रदेश के किसान तेल कंपनियों को भेज रहे हैं। योगी सरकार ने गन्ना किसानों के लिए बीते वर्षों में अभूतपूर्व काम किया है।
  • गोरखपुर खाद कारखाने की बहुत बड़ी भूमिका देश को यूरिया के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में भी होगी। देश के अलग-अलग हिस्सों में बन रहे 5 फर्टिलाजर प्लांट शुरू होने के बाद 60 लाख टन अतिरिक्त यूरिया देश को मिलेगा। यानी भारत को हजारों करोड़ रुपए विदेश नहीं भेजने होंगे, भारत का पैसा भारत में ही लगेगा।

PM ने भोजपुरी में अपनी बात शुरू की

पीएम मोदी, सीएम योगी के साथ प्रोजेक्ट का मॉडल देखते हुए
पीएम मोदी, सीएम योगी के साथ प्रोजेक्ट का मॉडल देखते हुए

PM मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत भोजपुरी में की। उन्होंने कहा कि गोरखपुर के देवतुल्य लोगों को हम प्रणाम करत बानी। कहा कि गोरखपुर में एम्स का शुरू होना अनेक संदेश दे रहा। पहले खाड़ी का तेल आता था, अब जाड़ी का तेल आता है। लंबे समय से गोरखपुर सहित ये बहुत बड़ा क्षेत्र एक मेडिकल कॉलेज के सहारे था, यहां के लोगों को इलाज के लखनऊ, वाराणसी जाना पड़ता था। 5 साल पहले क्या हालात थे आप जानते हैं।

गोरखपुर में पीएम मोदी जनसभा में लगी भीड़।
गोरखपुर में पीएम मोदी जनसभा में लगी भीड़।

पूर्वांचल में UP की 33 फीसदी सीटें, इसी पर BJP की नजर
दरअसल, पूर्वांचल की जंग फतह करने के बाद ही UP की सत्ता पर कोई पार्टी काबिज हो सकती है, क्योंकि सूबे की 33 फीसदी सीटें इसी इलाके की हैं। UP के 28 जिले पूर्वांचल में आते हैं, जिनमें कुल 164 विधानसभा सीटें हैं। 2017 के चुनाव में पूर्वांचल की 164 में से BJP ने 115 सीट पर कब्जा जमाया था, जबकि सपा को 17, बसपा को 14, कांग्रेस को 2 और अन्य को 16 सीटें मिली थीं।

गोरखपुर खाद कारखाने के निर्माण में करीब 8603 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।
गोरखपुर खाद कारखाने के निर्माण में करीब 8603 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।

हर साल 12.7 लाख मीट्रिक टन खाद बनाएगा गोरखपुर का कारखाना

गोरखपुर के खाद कारखाने की स्थापना और संचालन की जिम्मेदारी हिंदुस्तान उर्वरक एवं रसायन लिमिटेड (HURL) ने निभाई है। HURL एक संयुक्त उपक्रम है, जिसमें कोल इंडिया लिमिटेड, NTPC, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लीड प्रमोटर्स हैं। जबकि इसमें फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड और हिंदुस्तान फर्टिलाइजर कॉर्पोरेशन लिमिटेड की भी साझेदारी है। इस संयुक्त उपक्रम के अधीन गोरखपुर खाद कारखाने के निर्माण में करीब 8603 करोड़ रुपए की लागत आई है। HURL के इस खाद कारखाने की उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 3850 मीट्रिक टन और प्रतिवर्ष 12.7 लाख मीट्रिक टन है।

HURL के प्रिलिंग टॉवर की ऊंचाई 149.2 मीटर है, जबकि कुतुब मीनार की ऊंचाई 72.5 मीटर है।
HURL के प्रिलिंग टॉवर की ऊंचाई 149.2 मीटर है, जबकि कुतुब मीनार की ऊंचाई 72.5 मीटर है।

कुतुब मीनार से दोगुना ऊंचा है प्रिलिंग टॉवर
HURL के प्रिलिंग टॉवर की ऊंचाई कुतुब मीनार से दोगुनी है। यह विश्व में खाद कारखाने का सबसे ऊंचा प्रिलिंग टॉवर है। करीब 600 एकड़ में खाद कारखाना बनकर तैयार है। इसकी ऊंचाई 149.2 मीटर है, जबकि कुतुब मीनार की ऊंचाई 72.5 मीटर है।

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