ये कैसी सरकार!:योगी के गढ़ में ढाई लाख का इनामी हत्यारा साढ़े 4 साल से फरार, न घर कुर्क हुआ न जब्त हुई संपत्ति

गोरखपुरएक महीने पहले
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यूपी पुलिस गोरखपुर के झंगहा के रहने वाले शातिर बदमाश राघवेंद्र की साढ़े चार में परछाई भी नहीं छू सकी। - Dainik Bhaskar
यूपी पुलिस गोरखपुर के झंगहा के रहने वाले शातिर बदमाश राघवेंद्र की साढ़े चार में परछाई भी नहीं छू सकी।

पुलिस गोरखपुर के झंगहा के रहने वाले शातिर बदमाश राघवेंद्र की साढ़े 4 में परछाई भी नहीं छू सकी। 2.5 लाख के इनामी शातिर राघवेंद्र का नाम यूपी के टॉप-2 मोस्ट वांटेड की लिस्ट में शामिल है। बावजूद इसके उसकी गिरफ्तारी तो दूर, पुलिस और एसटीएफ उसका सुराग तक नहीं लगा सकी। फिलहाल वह कहां है और क्या कर रहा है। इसकी पुलिस को जानकारी तक नहीं है।

पुलिस के पास सिर्फ राघवेंद्र की इंटरनेट पर मौजूद एक फोटो है। राघवेंद्र यादव गोरखपुर के झंगहा इलाके ​के सुगहा गांव में 4 हत्याओं का आरोपित है। वह 5 साल से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा है। पुलिस का राघवेंद्र पर मेहरबानी का आलम कुछ ऐसा है कि अब तक राघवेंद्र के घर की कुर्की भी नहीं कर सकी।

गोरखपुर के डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला पर था 1 लाख का इनाम
राघवेंद्र पर जितना इनाम है, उतना इनाम तो 90 के दशक के यूपी के मोस्ट वांटेड माफिया श्रीप्रकाश शुक्ला पर भी नहीं था। जबकि उसी पर शिकंजा कसने के लिए यूपी एसटीएफ का गठन हुआ। जिस वक्त श्रीप्रकाश शुकला ने तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की हत्या की सुपारी ली थी, उस वक्त उस पर एक लाख रुपए का ही इनाम था।

डबल मर्डर कर मोस्ट वांटेड बना राघवेंद्र

राघवेंद्र यादव का फोटो- ये इंटरनेट से लिया है
राघवेंद्र यादव का फोटो- ये इंटरनेट से लिया है

राघवेंद्र पहली बार चर्चा में तब आया था जब उसने 6 जनवरी 2016 में अपने ही पट्टीदार रिटायर्ड दरोगा जयहिंद के भाई बलवंत व जयहिंद के बेटे कौशल की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद से वह फरार हो गया। पुलिस ने उस पर इनाम भी घोषित करने की जहमत नहीं उठाई, इस दौरान राघवेंद्र वादियों को जान से मारने की धमकी देता रहा।

2 साल फरार रहने के बाद 10 अप्रैल 2018 में सामने आया और इस बार उसने मुकदमे की पैरवी करने जा रहे रिटायर्ड दरोगा जयहिंद व उसके दूसरे बेटे नागेंद्र की भी हत्या कर दी। गोरखपुर पुलिस ने राघवेंद्र पर पहली बार 25 हजार का इनाम घोषित किया। यह बाद में 50 हजार, फिर 1 लाख और मई 2021 के बाद बढ़कर 2.5 लाख हो चुका है।

मृतकों के परिजनों ने नहीं की है तेरहवीं
परिवार के 4 लोगों की हत्या के बाद बदले की आग में जल रहे मृतकों के परिजनों ने गिरफ्तारी की आस में पुलिस के काफी समझाने पर अंतिम संस्कार तो कर दिया, लेकिन 5 साल बाद भी अभी तक तेरहवीं नहीं की है। उनका कहना है कि तेरहवीं तभी करेंगे जब आरोपित गिरफ्तार हो जाएगा।

एडीजी बोले-इनपुट मिलते ही दबोचा जाएगा

एडीजी अखिल कुमार-फाइल फोटो
एडीजी अखिल कुमार-फाइल फोटो

एडीजी अखिल कुमार का कहना है कि राघवेंद्र की तलाश के लिए गोरखपुर पुलिस के अलावा नेपाल और अन्य राज्यों की पुलिस की मदद भी ली जा रही है। इसके साथ ही एसटीएफ भी उसकी तलाश में लगी है। उसके इनपुट मिलते ही उसे दबोच लिया जाएगा।

ये हैं यूपी के मोस्ट वांटेड इनामी बदमाश

  • सुभाष यादव और सभापति यादव निवासी प्रतापगढ़ (5-5 लाख)
  • राघवेंद्र यादव निवासी गोरखपुर और बदन सिंह उर्फ बद्दो निवासी मेरठ (2.5- 2.5 लाख)
  • सुमित निवासी मुरादाबाद, हरीश निवासी मुजफ्फरनगर, बनारश निवासी मनीष उर्फ सोनू निवासी, गाजीपुर निवासी शाहबुद्दीन और अतौर्हमान उर्फ बाबू उर्फ सिकंदर (2-2 लाख)

ये हैं 50—50 हजार के इनामी

वाराणसी का सुनील यादव, अजीम अहमद,मनीष सिंह, कौशांबी का बहार उर्फ बहारूद्दीन, भदोही का पिंटू उर्फ ​रुद्रेश उपाध्याय, इलाहाबाद का आफताब आलम, गाजीपुर का शिवाबिंद उर्फ शिवशंकर बिंद, बुलंदशहर का विनोद कुमार, लखनऊ का सलीम उर्फ मुख्तार शेख, सहारनपुर का सुधीर उर्फ महकर सिंह, आगरा का रामनरेश ठाकुर और वाराणसी का विश्वास नेपाली।

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