हमीरपुर को 7 उप स्वास्थ्य केंद्रों की सौगात:ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस का किया आयोजन, बीमारियों से बचाव के लगाए गए टीके

हमीरपुरएक वर्ष पहले
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उप स्वास्थ्य केंद्रों पर नवजात शिशुओं से लेकर पांच साल तक के बच्चों को जानलेवा बीमारियों के बचाव के टीके लगाए गए। - Dainik Bhaskar
उप स्वास्थ्य केंद्रों पर नवजात शिशुओं से लेकर पांच साल तक के बच्चों को जानलेवा बीमारियों के बचाव के टीके लगाए गए।

हमीरपुर जिले को साल 2021 खत्म होते-होते सात नए उप स्वास्थ्य केंद्रों की सौगात मिली है। जिसके तहत जनपद के सात विकासखण्डों में एक-एक नवीन स्वास्थ्य उपकेंद्र को किराए के भवन में संचालित किया गया है। आज इन सभी उपकेंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कर दी गई।

संबंधित गांवों की एएनएम की देखरेख में उपकेंद्रों में ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएनडी) का भी आयोजन किया गया। इस मौके पर उप स्वास्थ्य केंद्रों पर नवजात शिशुओं से लेकर पांच साल तक के बच्चों को जानलेवा बीमारियों के बचाव के टीके लगाए गए।

ग्रामीणों को फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के विषय में जानकारी देकर दवा खाने को लेकर प्रोत्साहित किया गया। इसके अलावा किशोर-किशोरियों की स्वास्थ्य और पोषण संबंधी समस्याओं और शंकाओं का समाधान किया गया। योग्य दंपतियों को परिवार नियोजन के विषय में जानकारी दी गई। साथ ही पुरुषों को भी नसबंदी ऑपरेशन कराने को लेकर जागरूक किया गया।

स्वास्थ्य और पोषण संबंधी सुविधाएं मिलेंगी

हरदुआ, चंदवारी डांडा, टोडरपुर, छिमौली, शिवनी, पहाड़ीगढ़ी और कुम्हऊपुर यह ऐसे गांव हैं, जो बीहड़ों में बसे हैं। इन गांवों के लोगों को छोटी-मोटी बीमारियों और बच्चों के टीका लगवाने को लेकर काफी दूर तक जाना पड़ता था, जहां जाने और वापस आने के लिए साधनों का भी आभाव था। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए इन सभी गांवों में नवीन स्वास्थ्य उपकेंद्र खोले गए हैं, जहां सभी तरह की स्वास्थ्य और पोषण संबंधी सुविधाएं ग्रामीणों को आसानी से मिल सकेंगी।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.के. रावत ने बताया कि जनपद में अभी तक 214 स्वास्थ्य उपकेंद्र हैं, इन सात नए केंद्रों के साथ अब 221 केंद्र हो चुके हैं। जिनके माध्यम से दूरदराज के लोगों को घर के पास ही समुचित उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। और गंभीर मामलों को उच्च चिकित्सा के लिए रेफर कर दिया जाता है।