हमीरपुर पहुंचा RPF दारोगा का शव:रेलवे ट्रैक पर मिला था शव, पिता ने कहा- कई अपराधी बन गए थे दुश्मन, जताई हत्या की आशंका; सीएम योगी से की CBI जांच की मांग

हमीरपुर2 महीने पहले
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हमीरपुर पहुंचा RPF दारोगा का शव। - Dainik Bhaskar
हमीरपुर पहुंचा RPF दारोगा का शव।

जालौन के एट कस्बे में गुरुवार को रेलवे ट्रैक पर एक आरपीएफ दारोगा शिशुपाल सिंह भदौरिया का शव पड़ा मिला था। महाराष्ट्र के पुणे में तैनात दारोगा 21 सितंबर को छुट्टी लेकर हमीरपुर अपने घर जाने के लिए निकले थे। दारोगा की मौत कैसे हुई, अभी यह साफ नहीं है। चोटों के निशान देखते हुए झांसी रेलवे कमांडेंट ने बताया था कि प्रथम दृष्टया ट्रेन गिरकर मौत होना लग रहा है। वहीं परिजनों का कहना है कि अनहोनी की आशंका के चलते उन्होंने 25 सितंबर को पुलिस को इसकी सूचना दी थी, लेकिन पुलिस ने कानपुर में लोकेशन की बात कहकर उन लोगों को घर वापस भेज दिया और आगे कोई कार्रवाई नहीं की। मृतक के पिता ने कहा कि पुलिस अगर थोड़ी सी भी सक्रियता दिखाती तो बेटे की जान नहीं जाती। परिजनों ने सीएम योगी के नाम संबोधित प्रार्थना पत्र डीएम ज्ञानेश्वर त्रिपाठी को दिया है और सीबीआई जांच की मांग की।

21 सितंबर को छुट्टी लेकर घर आ रहा था दारोगा

बता दें कि मृतक शिशुपाल सिंह भदौरिया हमीपुर जिले के रहने वाले थे। वह आरपीएफ में एसआई पद पर तैनात थे। इस समय उनकी तैनाती महाराष्ट्र के पुणे में थी। 21 सितंबर को शिशुपाल सिंह छुट्टी लेकर घर आ रहे थे। इसकी जानकारी उन्होंने अपने परिजनों को दी थी। 25 सितंबर तक शिशुपाल जब घर नहीं पहुंचे तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि पुलिस ने कानपुर में दारोगा शिशुपाल सिंह की लोकेशन की बात कहकर उन लोगों को घर वापस भेज दिया और आगे कोई कार्रवाई नहीं की।

मृतक दारोगा की पत्नी का 2014 में हो गया था निधन।
मृतक दारोगा की पत्नी का 2014 में हो गया था निधन।

उरई रेलवे पुलिस को सौंपी गई है मामले की जांच

गुरुवार को शिशुपाल सिंह का शव जालौन के एट कस्बे में रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला था। घटनास्थल पर पहुंचे झांसी रेलवे कमांडेंट आलोक कुमार ने बताया था कि प्रथम दृष्टया ट्रेन गिरकर मौत होना लग रहा है। परिजनों के आरोप पर उरई रेलवे पुलिस को मामले की जांच सौंपी गई है। मृतक के पिता नारायण सिंह भदौरिया ने कहा कि पुलिस अगर थोड़ी सी सक्रियता दिखाती तो शायद उनके बेटे की जान न जाती। उन्होंने मामले की जांच सीबीआई से कराए जाने की मांग की। परिजनों ने सीएम योगी के नाम संबोधित प्रार्थना पत्र डीएम ज्ञानेश्वर त्रिपाठी को दिया। पिता ने कहा कि शिशुपाल की ईमानदारी के चलते कई बड़े अपराधी उसकी जान के दुश्मन बने हुए थे। साथ ही उसने अपनी दूसरी सादी की बात घर से छिपा कर रखी थी। कहीं यह भी उसकी मौत का कारण तो नहीं है।

परिजनों ने दी आत्मदाह की चेतावनी

शुक्रवार को शिशुपाल सिंह का शव उनके गृह जनपद हमीरपुर पहुंचा। उनके भाई रूद्र प्रताप सिंह और उदय पाल सिंह ने हमीरपुर पुलिस पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर सीबीआई या सीबीसीआईडी से जांच कराने की मांग की। परिजनों ने मामले का खुलासा न होने पर आत्मदाह की चेतावनी दी। अतिरिक्त मजिस्ट्रेट भी पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

2003 में आरपीएफ में भर्ती हुआ था मृतक दारोगा।
2003 में आरपीएफ में भर्ती हुआ था मृतक दारोगा।

2014 में हुआ था पत्नी का निधन, 2017 में की दूसरी शादी

परिजनों ने बताया कि शिशुपाल अपनी ईमानदारी और कर्तव्य निष्ठा के लिए जाने जाते थे। इस वजह से कई बड़े अपराधी भी उनके दुश्मन बन गए थे। शिशुपाल को कम ही उम्र में नौकरी मिल गई थी। 2003 में उनकी शादी फतेहपुर निवासी नीलम से हुई थी, लेकिन लंबी बीमारी के चलते 2014 में नीलम की मौत हो गई। इसके बाद से शिशुपाल ने घर आना कर दिया। साल में एक-दो बार ही वह घर आते थे। 2017 में अपने विभाग में तैनात अर्चना सिंह से शिशुपाल ने शादी कर ली, लेकिन इसकी जानकारी परिजनों को नहीं दी।

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