हमीरपुर में आवारा पशुओं के कारण बढ़े हादसे:नेशनल हाइवे पर बैठे रहते हैं आवारा पशु, डीएम के आदेश के बाद भी समाधान नहीं

हमीरपुर2 महीने पहले
हमीरपुर में नेशनल हाइवे पर घुमते आवारा पशु।

हमीरपुर में हाईवे पर आवारा पशुओं का दिखना आम बात है। बड़े-बड़े झुण्ड में आपको सैकड़ों जानवर सड़क के बीच बैठे मिल जाएंगे। इनकी चपेट में आकर कई वाहन चालक घायल हो गए हैं।शिकायत के बाद भी जिम्मेदारों का इस ओर ध्यान नहीं है।

उत्तरप्रदेश में जब योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी तभी से हमीरपुर जिले के प्रत्येक गांव में गोशाला बनवाई गई थी। सरकार ने बेसहारा जानवरों का बंदोबस्त गोशाला में करने का आदेश दिया था। लेकिन अभी फिलहाल उन आदेशों का पालन हमीरपुर में तो होता दिखाई नहीं दे रहा है। यहां जानवरों को रवि की फसल काटने के बाद से गोशालाओं से छोड़ दिया गया था, जो आज भी छुट्टा हैं। इस वक्त जानवरों के सैकड़ों झुण्ड सड़कों पर दिखाई दे रहे हैं।

अचानक वाहन के सामने आ जाते हैं आवारा पशु

आवारा पशुओं ने सड़कों को अपना अड्डा बना लिया है। मौदहा से बिवांर होते हुए मुस्करा तक आवारा पशु सड़क पर बैठे रहते हैं। इससे वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार तो वाहन चालक अचानक आवारा पशु सामने आने से हादसे के शिकार हो जाते हैं।

हमीरपुर में बीते 20 माह के दौरान 308 हादसे

हमीरपुर में बीते 20 माह के दौरान 308 हादसे हुए हैं, जिसमें 219 मौतें हुई हैं। जबकि इससे दुगना लोग घायल हुए हैं। इन हादसों के पीछे अन्य कारणों के साथ ही बड़ी वजह आवारा पशु भी हैं। इनसे टकरा कर छोटे वाहन या बाइक सवार हादसे का शिकार हो रहे हैं। हमीरपुर के जिलाधिकारी डॉ. चन्द्रभूषन त्रिपाठी ने बीते हफ्ते ही आदेश जारी किया था कि गोवंशों को गोशाला में बंद किया जाए। लेकिन उसका असर अभी फिलहाल देखने को नहीं मिला है।

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