हमीरपुर के गौशालाओं में हो रही जानवरों की दुर्दशा:खाने के लिए दी जा रही पराली, रोज हो रही जानवरों की मौत

हमीरपुर8 महीने पहले
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मरने के बाद गायों को गड्ढों में दफनाया गया। - Dainik Bhaskar
मरने के बाद गायों को गड्ढों में दफनाया गया।

हमीरपुर की तमाम गौशालाओं में बंद अन्ना जानवरों की दुर्दशा और आए दिन किसी ना किसी गौशाला में जानवरों के मरने का सिलसिला जारी है। कुछ ठंड से मर रहे हैं, तो कुछ भूखे रह कर मर रहे हैं।

शुक्रवार को भी एक गौशला में तीन जानवरों की मौत हुई है। जिन्हें जेसीबी मशीन से निकाला गया है। घटना का एक वीडियो वायरल हुआ है। जो जिम्मेदार अधिकारियों पर सवाल खड़े कर रहा है।

नहीं निकल पा रहा हल

बुन्देलखण्ड इलाके में अन्ना प्रथा कोई नई समस्या नहीं है। इस इलाके के किसानों को इस समस्या से निजात दिलाते दिलाते कई सरकारें निपट गईं, लेकिन अन्ना जानवरों की समस्या जस की तस बनी हुई है। जब सूबे में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनी तब सरकार के आदेश पर प्रत्येक गांव में गौशाला बनवाई गई। उनमें अन्ना जानवरों को बंद कर के भूसे चारे का बंदोबस्त किया गया।

जानवरों को खिलाई जा रही पराली

गौशाला बनने के बाद गौशाला में जानवरों के मरने का सिलसिला जारी हो गया, जो लगातार जारी है। इस समय खेती का काम तेज है। नई फसल उग आई है। जानवरों को गौशाला में रखा गया है। सरकार का आदेश है की वहां पर जानवरों के लिए भूसे चारे का बेहतर इंतजाम किया जाए, लेकिन ऐसा हो नहीं रहा है।

गौशालाओं में बंद अन्ना जानवरों को भूसे और चारे की जगह धान की पराली दी जा रही है। जिसकी वजह से जानवर कमजोर होते जा रहे हैं। ठंड खाकर उनकी मौत हो रही है।

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