हमीरपुर में चलाया जा रहा फाइलेरिया उन्मूलन अभियान:कार्यशाला का हुआ आयोजन, डॉक्टर बोले- दवा ही एक मात्र इलाज

हमीरपुरएक वर्ष पहले
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कार्यशाला में दी गई जानकारी। - Dainik Bhaskar
कार्यशाला में दी गई जानकारी।

हमीरपुर में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत गुरुवार को एक गेस्ट हाउस में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) द्वारा सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारियों, बीसीपीएम, बीपीएम के साथ कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें फाइलेरिया रोग से ग्रसित मरीजों के उपचार और देखभाल पर चर्चा की गई। फाइलेरिया प्रभावित अंगों की साफ-सफाई का प्रदर्शन किया गया।

भ्रामक बातों से बचें लोग

कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके रावत ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन अभियान जनपद में चल रहा है। इस बीमारी को रोकने के लिए दवा का सेवन ही एकमात्र उपाय है। लोग किसी भी तरह की भ्रामक बातों और अफवाहों से बचें। दवा का सेवन जरूर करें। उन्होंने समस्त चिकित्सा अधिकारियों (एमओआईसी) को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को लेकर लोगों को जागरूक करें। अस्पताल आने वालों को अवश्य फाइलेरिया की दवा खिलाई जाए।

प्रभावित अंगों में चोट लगने का खतरा ज्यादा होता है

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मण्डलीय कोआर्डिनेटर डॉ. राहुल ने फाइलेरिया प्रभावित मरीजों की देखभाल और साफ-सफाई का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि शरीर के जिस भी अंग में फाइलेरिया है, उसकी नियमित साफ-सफाई बेहद जरूरी है। इससे त्वचा के ऊपरी हिस्सों में संक्रमण का खतरा कम हो जाता है। फाइलेरिया से प्रभावित अंगों में चोट लगने का खतरा भी ज्यादा होता है और ऐसी स्थिति में मरीज की तकलीफ भी बढ़ जाती है।

लक्षण दिखने में लग जाते हैं कई साल

पीसीआई के जिला समन्वक प्रेम सिंह कटियार ने कहा कि अभियान योजना बनाकर पूर्ण तैयारी के साथ चलाया जा रहा है। अभियान को सफल बनाने के लिए सोशल मोबिलाइजेशन के साथ जागरूकता की अति आवश्यकता है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग दवा का सेवन कर सकें। संक्रमण के बाद लक्षण दिखने में कई साल लग जाते हैं। फाइलेरिया की रोकथाम और जल्द पता लगाने के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए चिकित्सा कर्मचारियों को संवेदनशील होना चाहिए।