एक घंटे की राठ एसडीएम बनीं गीतांजलि त्रिपाठी:फरियादियों की सुनीं समस्याएं, निस्तारण के दिए निर्देश, डॉक्टर बन गरीबों की करना चाहतीं सेवा

राठ, हमीरपुर2 महीने पहले
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राठ में नारी सशक्तीकरण और बालिका शिक्षा प्रोत्साहन के तहत छात्राओं को कार्यालयों में अधिकारियों का सांकेतिक प्रभार सौंपा गया। बुधवार को कस्बे के बुधौलियाना निवासी डा. शिव विनायक त्रिपाठी की पुत्री गीतांजलि त्रिपाठी को राठ तहसील का एक घन्टे के लिए एसडीएम बनाया गया।

अधिकारी बनकर खुशी और गर्व की अनुभूति

इस दौरान गीतांजलि त्रिपाठी ने एसडीएम कार्यालय में आने वाले फरियादियों की समस्याओं को सुना। इसके बाद निस्तारण के निर्देश दिये। एक घन्टे के लिये एसडीएम बनीं गीतांजलि त्रिपाठी ने बताया कि वह राठ कस्बे के माँ शारदा बालिका इंटर कॉलेज में 11वीं की छात्रा हैं। उन्होंने पिछले साल हाईस्कूल की परीक्षा में टॉप किया था। गीतांजलि ने बताया कि उन्हें एसडीएम बनकर बहुत खुशी और गर्व महसूस हो रहा है।

11वीं की छात्रा गीतांजलि त्रिपाठी को एक घंटे के लिए राठ का एसडीएम बनाया गया।
11वीं की छात्रा गीतांजलि त्रिपाठी को एक घंटे के लिए राठ का एसडीएम बनाया गया।

सरकार की पहल से छात्राओं का बढ़ेगा आत्मविश्वास

कहा कि सरकार की इस पहल से छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा। वह अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक हो सकेंगी। उन्होंने बताया कि उनका सपना डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना है। इस दौरान एक घन्टे के लिए एसडीएम बनीं गीतांजलि के साथ उनकी मां संगीता त्रिपाठी भी मौजूद रहीं। वह अपनी बेटी को एसडीएम के रूप में देखकर गौरवान्वित और उत्साहित नजर आईं।