सरीला में 10 दिनों से पानी की सप्लाई बंद:पड़ोसी गांव से पानी ढोकर ला रहे ग्रामीण; कहा- भुगतान नहीं होने पर ऑपरेटर ने रोकी जलापूर्ति

सरीला (हमीरपुर)2 महीने पहले
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सरीला के ममना गांव में पीने के पानी की किल्लत खत्म नहीं हो रही है। आए दिन लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए जूझना पड़ता है। सोमवार को ग्रामीणों ने अपना धैर्य खो दिया। गांव में 10 दिन से पानी की सप्लाई न होने से गुस्साए सैकड़ो लोंगों ने सरीला विवांर मार्ग पर जाम लगा दिया। इस दौरान जलकल विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उप जिलाधिकारी खलिद अंजुम ने ग्राम प्रधान को समस्या से निजात दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन खत्म किया।

ममना गांव में बनी पानी की टंकी से पिछले 10 दिन से पानी की सप्लाई नही छोड़ी गई। पानी नहीं आने से परेशान महिलाओं ने सड़क पर बाल्टियां रखकर जल निगम अधिकारियों से पानी की मांग की। साथ ही सैकड़ों लोगों ने सरीला विवांर मार्ग में जाम लगा दिया। अधिकारियों के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन किया।

एक बुजुर्ग महिला ने बताया कि दस से बारह दिन हो गए, घर में पानी नहीं आया है। जिनके घर पर लड़के हैं, वह पास के गांव सुठार मनकहरी रहटिया से पानी ले आते हैं। हम बुजुर्ग हैं, हम दूसरे गांव में जाकर पानी नहीं ढो सकते हैं। ग्राम प्रधान जितेंद्र ने बताया कि गांव में दो नलकूप सुठार और मनकहरी में लगाए गए थे। मनकहरी के नलकूप से सड़क किनारे की बस्ती पर डाइरेक्टर सप्लाई की जाती है।

बुजुर्ग महिला ने बताया कि अब इस उम्र में पानी नहीं ढो पाते हैं। ऐसे में पानी सप्लाई भी बंद कर दिया गया है।
बुजुर्ग महिला ने बताया कि अब इस उम्र में पानी नहीं ढो पाते हैं। ऐसे में पानी सप्लाई भी बंद कर दिया गया है।

पड़ोसी गांव से पानी ढोकर लाने को मजबूर ग्रामीण
दूसरे नलकूप में पानी की टंकी से सप्लाई की जाती है। जिसके चलाने के किए जलनिगम ने ऑपरेटर लगाए हैं, लेकिन पिछले दो वर्ष से उनका भुगतान नदीं दिया। जिसके चलते उन्होंने पानी की सप्लाई छोड़ना बंद कर दिया है। स्थानीय मूलचंद ने बताया कि पानी की सप्लाई बंद है। गांव में मीठा पानी नहीं निकलता गिनती के हैंडपंप है। जिससे में भी सुबह से लाइन लगती है। गांव में लगे हैंडपंपों के खारा पानी पीने को मजबूर है। गांव में पानी इतना खारा है कि मुंह में डालते ही कड़वाहट होने लगती है।

अपने हाथों में बाल्टी व डिब्बा लेकर ग्रामीणों ने रोड पर जाम लगा दिया।
अपने हाथों में बाल्टी व डिब्बा लेकर ग्रामीणों ने रोड पर जाम लगा दिया।

तीन दशकों पुरानी है जल की समस्या
ग्रामीणों ने बताया कि गांव की पेयजल योजना तीन दशक पुरानी है। जिसके चलते आये दिन कोई न कोई समस्या बनी रहती है। कभी ऑपरेटर सप्लाई नहीं छोड़ते तो कभी महीनों नलकूप खराब रहे। गांव की जमीन के अंदर मीठा पानी नहीं है। जिसके चलते लोगों को पीने के पानी के लिए दो से चार किलोमीटर आसपास के मजरों में जाना पड़ता है।

बीडीओ बोले- जल निगम से हो रही बातचीत
इस संबंध में जलनिगम के एक्सईएन से संपर्क नहीं हो पाया। खण्ड विकास अधिकारी रवि प्रताप चौधरी ने बताया कि गांव में पानी की सप्लाई बंद होने पर जाम की सूचना प्राप्त हुई है। ग्रामीणों से बातचीत कर जाम को खुलवा दिया गया है। गांव की पेयजल योजना जलनिगम द्वारा संचालित है। वहां के ऑपरेटर को 1 वर्ष से अधिक समय से भुगतान नहीं दिया है। जिसके चलते उनके द्वारा पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है । जल निगम से बातचीत की जा रही है।

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