शहीद कुलदीप सिंह की अस्थियां मां गंगा में विसर्जित:पत्नी समेत परिवार वालों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई, 8 दिसंबर को CDS बिपिन रावत के साथ हुए थे शहीद

हापुड़/ अमरोहाएक महीने पहले
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शहीद की पत्नी यश्विनी, भाई मनोज और सास सुमन आदि अमराेहा के ब्रज घाट पहुंचे। परिवार वालों ने नाव से गंगा की बीच धारा में जाकर नम आंखों से उनको अंतिम विदाई दी। - Dainik Bhaskar
शहीद की पत्नी यश्विनी, भाई मनोज और सास सुमन आदि अमराेहा के ब्रज घाट पहुंचे। परिवार वालों ने नाव से गंगा की बीच धारा में जाकर नम आंखों से उनको अंतिम विदाई दी।

सीडीएस बिपिन रावत के साथ हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हुए स्क्वाड्रन लीडर कुलदीप सिंह की अस्थियां सोमवार देर रात मां गंगा में विसर्जित की गईं। शहीद की पत्नी यश्विनी, भाई मनोज और सास सुमन आदि अमराेहा के ब्रज घाट पहुंचे। परिवार वालों ने नाव से गंगा की बीच धारा में जाकर नम आंखों से उनको अंतिम विदाई दी। इसके बाद गढ़मुक्तेश्वर में आकर अपने पुरोहित के यहां वंशावली दर्ज कराई। अस्थि विसर्जन के दौरान ‘कुलदीप सिंह अमर रहे’ के लोग नारे लगते रहे।

अस्थि विसर्जन के दौरान पति को याद कर कुलदीप सिंह की पत्नी यश्विनी का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं अन्य परिजन भी गमजदा हैं। यश्विनी अभी भी पति की मौत के सदमे से नहीं उबर पाई हैं। अस्थि विसर्जन के बाद परिजन रात में ही मेरठ वापस चले गए।

शहीद की पत्नी यश्विनी, भाई मनोज और सास सुमन आदि ने नम आंखों से उनको अंतिम विदाई दी।
शहीद की पत्नी यश्विनी, भाई मनोज और सास सुमन आदि ने नम आंखों से उनको अंतिम विदाई दी।

19 नवंबर 2019 को हुई थी शादी

राजस्थान के स्क्वाड्रन लीडर कुलदीप सिंह की शादी 19 नवंबर 2019 को जनपद मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र की सैनिक विहार कॉलोनी निवासी देवेंद्र सिंह ढाका की बेटी यश्विनी के साथ हुई थी। परिजनों ने बताया कि कुलदीप चार अक्तूबर को मेरठ आए थे, जो उनकी उनसे अंतिम मुलाकात थी।

यश्विनी अभी भी पति की मौत के सदमे से नहीं उबर पाई हैं।
यश्विनी अभी भी पति की मौत के सदमे से नहीं उबर पाई हैं।

8 दिसम्बर को 13 जवान हुए थे शहीद

8 दिसम्बर को तमिलनाडु के कुन्नर में हेलीकॉप्टर क्रैश में सीडीएस बिपिन रावत, स्क्वाड्रन लीडर कुलदीप सिंह सहित देश के 13 जवान शहीद हो गए थे। जनरल रावत के साथ वायुसेना के Mi-17V5 हेलिकॉप्टर में ब्रिगेडिर स्तर के अधिकारी से लेकर उनके सहयोगी सवार थे। दर्दनाक हादसे में ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह ही जिंदा बचे हैं। उनका अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है।

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