हरदोई में पकड़ी गई सरकारी राशन की कालाबाजारी:घर के तहखाने में मिला 232 बोरी चावल व 11 बोरी गेहूं, सभी आरोपी पुलिस को देखकर हुए फरार

हरदोई4 महीने पहले
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हरदोई में पकड़ी गई सरकारी राशन की बोरियां - Dainik Bhaskar
हरदोई में पकड़ी गई सरकारी राशन की बोरियां

हरदोई में पुलिस ने एक घर में छापेमारी कर सरकारी राशन की बोरियां पकड़ी है। घर के लोग सरकारी राशन को तहखाने में रखकर कालाबाजारी कर रहे थे। मौके पर पुलिस के साथ तहसीलदार व अपूर्ति विभाग के लोग भी पहुंचे। वहां से सैंकड़ों की तादाद में चावल की बोरियां व कुछ गेहूं के बोरे भी बरामद हुए। हालांकि, टीम को देखकर सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। बाद में अधिकारियों ने जरूरी सामान निगम हरपालपुर के गोदाम प्रभारी को दे दी।

सरकारी बोरों से निकालकर दूसरी बोरियों में भर रहे थे राशन

जिले में रात को अरवल पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर किरितियापुर गांव में एक घर में छापा मारा। तो देखा कि तहखाने में सरकारी राशन की बोरियों से गेहूं निकालकर दूसरी बोरियों में भरा जा रहा है। वहां से पुलिस ने भारी मात्रा में सरकारी राशन से भरी बोरियों के अलावा खाली पड़ी बोरियों को बरामद कर लिया। पुलिस को देखते ही मौके पर मौजूद लोग भाग निकले।

गोदाम की सुरक्षा में तैनात किए गए दो पुलिसकर्मी

पुलिस ने पूरे घर को सीज करते हुए वहां पर गोदाम की सुरक्षा के लिए दो पुलिस गार्ड मुस्तैद कर दिए। मामले में पुलिस ने दो लोगो को हिरासत में लिया है। जिसकी सूचना पुलिस ने अपने उच्चाधिकारियों को दी। सुबह पहुंची आपूर्ति विभाग की टीम तथा नायब तहसीलदार ने मकान का ताला खुलवा कर बोरियों को गिनने का काम शुरू कराया। जिसमें 232 बोरी चावल तथा 11 बोरी गेहूं के अलावा जुट की 20 बोरी एवं प्लास्टिक की 20 बोरी खाली अवस्था में बरामद हुई।

बोरों की गिनती कर एफसीआई भेजा गया राशन

जिनको पूर्ति निरीक्षक ने अपने कब्जे में लेते हुए एफसीआई की हरपालपुर गोदाम में भेज दिया इस सम्बन्ध में सप्लाई इंस्पेक्टर अर्चना सिंह ने बताया की खाद्यान्न की बोरियों की गिनती करवा कर एफसीआई गोदाम भेज दिया है। तथा कार्यवाही के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।

पुलिस को शक है कि राशन या तो कोटेदारों से या फिर एफसीआई से आया

पुलिस की अचानक छापेमारी के बाद मिली 233 बोरी सरकारी राशन आखिरकार प्राइवेट व्यापारी के हाथ कैसे लगा यह तमाम सवाल उठ रहे है।सवाल यह भी लग रहा है कि आखिरकार यह सरकारी राशन कोटेदारों से खरीदा गया था या फिर सीधे एफसीआई गोदाम से ही यह खेल हो रहा था

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