हरदोई…नदी में उतराते मिले 55 गौवंशों के शव:शारदा नहर में दिखे 30 सड़े गले शव, गोमती नदी में लगभग 25 गौवंश, एक सप्ताह पुराने बताए जा रहे शव

हरदोई4 महीने पहले
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नहर में मिले गौवंशों के शव - Dainik Bhaskar
नहर में मिले गौवंशों के शव

हरदोई की लोनार कोतवाली क्षेत्र में शारदा नहर के बावन पुल के पास नहर में बड़ी संख्या में मृत गौवंश मिले है। इसके अलावा अतरौली इलाके में शारदा नदी में 30 से अधिक की संख्या में गौवंश मिले हैं। वहीं अतरौली थाना क्षेत्र के गोमती नदी में तकरीबन 25 गौवंश के शव मिलने पर हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दी। सूचना मिलने के बावजूद घण्टों बाद पुलिस और पशु मुख्य चिकित्साधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने जेसीबी की मदद से मृत गौवंशों को दफना दिया है।

ग्रामीणों ने वायरल किया वीडियो

लोनार कोतवाली क्षेत्र में बावन कस्बे के पास से निकली शारदा नहर के पुल के पास दर्जनों गौवंश के शव मिलने से हड़कंप मच गया। जब मृत गौवंशों की सूचना पर भी कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा तो ग्रामीणों ने वीडियो वायरल करना शुरू कर दिया। जिसके बाद पुलिस समेत पूरा सरकारी अमला सकते में आ गया। मौके पर पहुंचे पुलिस और अन्य अधिकारियों ने गौवंशों के शवों को जेसीबी की मदद से नहर की पटरी पर दफना दिया

नहर में पानी कम हुआ तब नजर आये गौवंश

शारदा नहर में पानी कम हुआ तो बावन के पुल के पास करीब 25 से अधिक गौवंश व अन्य जानवरों के सड़े गले शव पानी में पड़े दिखाई दिए। आसपास के ग्रामीणों ने जब इसको देखा तो पुलिस को सूचना दी। लेकिन पूरा दिन किसी जिम्मेदार ने कोई सुध नहीं ली। शाम तक जब कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए और जिले के आला अधिकारियों को सूचना देने के साथ ही सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर वायरल कर दिए। आला अधिकारियों से फटकार पड़ने पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर जे.एन. पांडेय, बावन के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बीपी सिंह, बावन के सेक्रेटरी कौशलेंद्र भारती और लोनार कोतवाल इंद्रेश यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

शवों को जेसीबी से दफनाता हरदोई जिला प्रशासन।
शवों को जेसीबी से दफनाता हरदोई जिला प्रशासन।

गोमती नदी में मिले 25 गौवंश के शव

इस ही तरह अतरौली थाना क्षेत्र के गोमती नदी में तकरीबन 25 गौवंश के शव मिलने पर हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की है। अतरौली के ग्राम राम मदारपुर के आगे पड़ने वाली गोमती नदी पर बने महादेव घाट के पास तेरवा पुल के नीचे नदी के किनारे कई मवेशियों के शव गांव वालों ने देखे तो हड़कंप मच गया।

भारतीय किसान यूनियन सावित्री गुट के युवा जिला उपाध्यक्ष कफील अंसारी ने बताया कि वह सुबह तेरवा पायल पर टहलने गए तो वहां पर देखा कि अधिक मात्रा में गोवंशों के शव पड़े हैं। जिससे स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। अभी तक यह जानकारी नहीं हो पाई है कि यह गोवंश किस गौशाला के हैं। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची अतरौली पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि लगभग एक सप्ताह के मृत मवेशियों के शव हैं। आशंका जताई रही है कि किसी ने नदी में बहा दिया है. थाना प्रभारी से बात की तो उन्हों ने बताया कि किसी पर कोई कार्रवाई नहीं कि गयी है. क्योंकि मवेशियों के शव लगभग एक सप्ताह पूराने हैं.

जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफनाए गए

जिला पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि बावन और अतरौली में मिले शवों को जेसीबी मंगवाकर नहर की पटरी में ही दफना दिया। फिलहाल बड़ा सवाल यह है की इतनी बड़ी संख्या में गौवंश नहर में कहां से आ गए। मौके पर मौजूद आसपास के ग्रामीणों ने काफी रोष व्यक्त किया। वहीं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉक्टर जे.एन. पांडेय ने बताया कि यह पड़ोसी जिले से बहकर आए होंगे।

लोग बोले सरकारी अमला जिम्मेदार

लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में गौवंशों के शव मिलना कहीं न कहीं लापरवाही जरूर दर्शाता है। ग्रामीणों ने बताया कि यही प्रतीत होता है कि किसी गौ आश्रय स्थल में इन सभी ने0 दम तोड़ा होगा। फिर अपनी लापरवाही छुपाने के लिए इन सभी को नहर में बहा दिया गया होगा। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश गौ आश्रय स्थलों पर तमाम गौवंश भूखे और बीमारी से तड़प रहे हैं। यदि इसकी ठीक से जांच हो तो इसका पता चल जाएगा।