हरदोई में मनाया गया श्रीराम जन्मोत्सव:राम जानकी मंदिर में आयोजित श्री राम कथा, भारी संख्या में मौजूद रहे श्रोता

हरदोई2 महीने पहले

हरदोई में आयोजित मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम की कथा में आज स्थानीय राम जानकी मंदिर परिसर में भव्यता और धूमधाम के साथ श्रीराम का जन्मोत्सव मनाया गया। आज कथा का तीसरा दिन था। व्यास जी द्वारा नारद मोह के प्रसंग के उपरांत नारद जी के श्राप के परिणाम स्वरूप भगवान विष्णु के मनुष्य रूप में जन्म लेने की घटना को संगीत मय प्रभावपूर्ण वातावरण के मध्य विस्तार दिया गया।

कथा सुनाते हुए कथा वाचक।
कथा सुनाते हुए कथा वाचक।

भक्तों ने उद्घोष से गुंजायमान हुआ पंडाल

भए प्रगट कृपाला दीन दयाला कौशल्या हितकारी हर्षित महतारी मुनि मन हारी अद्भुत रूप बिचारी के उद्घोष से संपूर्ण पंडाल गुंजायमान हो गया। भारी संख्या में उपस्थित श्रोता गणों एवं भक्तों गणों ने आपस में एक दूसरे के गले लग कर टॉफियों खिलौनों और गुब्बारों की बरसात के बीच भगवान राम के जन्मोत्सव को अद्भुत तरीके से मनाया। संगीत की स्वर लहरियों पर जमकर झूमे सभी भक्तगण और श्रोता गण। एक समय भक्ति सरिता का ऐसा प्रवाह हुआ कि पूरा पंडाल एक रंग में रंगा नजर आने लगा।

श्रीराम कथा सुनते हुए भक्त।
श्रीराम कथा सुनते हुए भक्त।

इससे पूर्व आज रामकथा के मंच को और पंडाल को श्री राम भगवान के जन्मोत्सव के कारण अद्भुत रूप से सजाया गया था। संपूर्ण पंडाल और राम जानकी परिसर में आने वाला हर एक व्यक्ति राम जन्म के आनंद उत्सव में डूबा दिखाई दिया। व्यास जी ने बताया कि भगवान राम का मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में जन्म समाज में नई संस्कृतियों नए अनुशासन और नई परंपराओं का अभ्युदय देने के लिए हुआ था।

बुराई एक दिन नष्ट जरूर होगी

भगवान राम का मर्यादा पुरुषोत्तम के रूप में आना अच्छे और बुरे की पहचान कराना सच्चाई की अंत में जीत होना और बुराई कितनी भी ताकतवर क्यों ना हो उसका एक दिन समापन होना निश्चित है इन संदेशों की संपूर्ण जगत में एक अभिव्यक्ति मात्र थी। राम के आदर्श आज भी समाज के लिए न केवल प्रासंगिक है बल्कि केवल और केवल उनके अनुसरण से ही समाज के सभी वर्गों का कल्याण संभव है।

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