अंतर्राष्ट्रीय थैलेसीमिया दिवस:हाथरस में 27 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगेगा जन आरोग्य स्वास्थ्य मेला, लोगों को किया जाएगा जागरूक

हाथरस13 दिन पहले
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हाथरस। 8 मई को पूरी दुनिया में अन्तर्राष्ट्रीय थैलेसीमिया दिवस मनाया जाता है। उसी श्रृखला में जनपद हाथरस में 27 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगने वाले जन आरोग्य स्वास्थ्य मेलों में थैलेसीमिया रोग का प्रचार प्रसार किया जायेगा। साथ ही 09 मई 2022 को मनाये जाने वाला प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान दिवस जनपद के समस्त सामुदायिक स्वार्स्थ्य केन्द्रों एवं जिला चिकित्सालयों मनाया जायेगा ।जिसमें थैलेसीमिया रोग के लक्षणों के बारे में जागरूकता प्रदान की जायेगी।

डा। ए.एस वशिष्ठ, मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा थैलेसीमिया रोग के बारे में अवगत कराया गया कि थैलेसीमिया रोग एक अनुवांशिक रक्त विकार रोग है जो जीन के माध्यम से माता-पिता से बच्चों में संचारित होता है। इस रोग में हीमोग्लोबिन निर्माण के उत्तरदायी जींस या जो नष्ट हो जाते है या अनुपस्थित होते है। हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में पाये जाने वाला एक प्रोटीन है, जो कि शरीर के अंगों और ऊतकों में ऑक्सीजन के परिवहन का कार्य करता है। हीमोग्लोबिन की क्षति या अपर्याप्तता के कारण, लाल रक्त कोशिकायें नष्ट हो जाती है, जिससे एनीमिया उत्पन्न हो सकता है।

थैलेसीमिया रोग शरीर में लाल रक्त कण/रेड ब्लड सेल (आरबीसी) नहीं बन पाते हैं। और जो थोड़े बन जाते हैं वह केवल थोड़े समय तक ही रहते हैं। थैलेसीमिया रोग से ग्रसित बच्चों को बार-बार खून चढाने की जरूरत पडती है। ऐसा न करने पर बच्चा जीवित नही रह पाता है। डा राजीव गुप्ता, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि थैलेसीमिया रोग दो प्रकार का होता है अल्फा थैलेसीमिया एवं बीटा थैलेसीमिया

थैलेसीमिया गम्भीर- इस प्रकार के रोग में रोगी को माता-पिता दोनों से दोषपूर्ण जीन प्राप्त होते हैं। इस रोग से ग्रसित मरीजों को एनीमिया, धीमी विकास गति, परिपक्वता में विलंब के साथ प्लीहा, यकृत, ह्दय या हड्डियों के साथ समस्याएं भी हो सकती है। थैलेसीमिया इंटरमीडिया- इसमें थैलेसीमिया के हल्के से लेकर गम्भीर तक लक्षण देखने को मिलते है। थैलेसीमिया रोग से सन्देह युक्त मरीजों को मेडीकल कॉलेज में जांच हेतु सन्दर्भित किया जायेगा।

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