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हाथरस का नाम राजा साहब करने की मांग:विश्वविद्यालय का नाम राजा महेंद्र प्रताप सिंह करने पर वशंजों ने जताई खुशी, कहा लगाई जाए उनकी प्रतिमा

हाथरस12 दिन पहले
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वंशजों ने की हाथरस का नाम राजा साहब करने की मांग। - Dainik Bhaskar
वंशजों ने की हाथरस का नाम राजा साहब करने की मांग।

हाथरस में भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले और 1915 में अफगानिस्तान के काबुल में बनी भारत की अंतरिम सरकार के मुखिया बने आर्यन पेशवा के नाम से प्रसिद्ध जाट राजा महेंद्र प्रताप सिंह के सम्मान में मंगलवार को अलीगढ़ में प्रधानमंत्री मोदी राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय का शिलान्यास करने आ रहे हैं। प्रदेश तथा केंद्र सरकार के इस कदम पर राजा साहब के वंशजों और कस्बा मुरसान के लोगों ने खुशी जताई है। उन लोगों ने मांग की है कि हाथरस जिले का नामकरण राजा साहब के नाम पर हो।

याद में बनाया गया पार्क और स्मारक

देश की आजादी के लिए जंग लड़ने वाले और अफगानिस्तान के काबुल में 1915 में बनी अंतरिम सरकार के राष्ट्रपति रहे राजा महेंद्र प्रताप सिंह की जन्मस्थली हाथरस का कस्बा मुरसान है। कस्बा में आज भी शाही परिवार का किला मौजूद है। जिसमें राजा साहब के वंशज रहते हैं। वर्ष 1998 में मुरसान नगर पंचायत ने कस्बे में उनकी याद में एक पार्क और स्मारक बनाया है। जिसमें उनकी प्रतिमा लगी हुई है।

नई पीढ़ी को दी जाए उनकी जानकारी

राजा साहब ने अपने जीवन काल में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और वृंदावन के प्रेम महाविद्यालय सहित कई शिक्षण संस्थानों की स्थापना में जमीन आदि के जरिए महत्वपूर्ण योगदान दिया था। वह 1957 में मथुरा लोकसभा सीट से सांसद भी चुने गए थे। देश की आजादी के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाले राजा साहब के नाम पर अलीगढ़ में विश्वविद्यालय बनाए जाने से हाथरस के कस्बा मुरसान के लोग खुश हैं। राजा साहब के वंशज भी खुश हैं। राजा साहब के वंशज इसे गौरव का विषय बता रहे हैं। सब प्रदेश और केंद्र सरकार को धन्यवाद दे रहे हैं। इन लोगों की मांग है कि हाथरस जिले का नाम राजा साहब के नाम पर हो और उनकी याद में ऐसा स्मारक बने जिसमें उनकी प्रतिमा लगे, लाइब्रेरी हो और राजा साहब के बारे में नई पीढ़ी को जानकारी देने वाला साहित्य उसमें रखा जाए।

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