जालौन में दुकानदारों की दुकान पर पड़ा ताला:प्रशासन ने की कार्रवाई, सरकारी दुकान किराए पर दे रखी थी

जालौनएक महीने पहले

जालौन में जिला प्रशासन ने सिकमी दुकानदारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दुकानों में ताला लगा दिया। जिससे नाराज होकर दुकानदारों ने शासन के खिलाफ सड़क पर उतरकर जाम लगा दिया। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। जिसकी जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा। जाम लगाए लोगों को समझाकर सड़क को खाली कराया। तब कहीं जाकर आवागमन शुरू हो सका।

प्रशासन ने उनके खिलाफ नोटिस जारी किया

मामला उरई कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अंबेडकर चौराहा स्थित उरई क्लब में स्थित दुकानों का है। जहां की उरई क्लब की दुकानों को 99 साल के लिए दुकानदारों को जिला प्रशासन ने आवंटित किया था। कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानों को दूसरे को किराए पर आवंटित कर दिया था। उनसे किराया ले रहे थे। इन दुकानों की जिला प्रशासन ने जांच कराई। जांच में पाया गया कि दुकानदारों ने अपनी दुकानों को दूसरे लोगों को किराए पर दे रखी है। सही पाए जाने पर प्रशासन ने उनके खिलाफ नोटिस जारी किया।

लोगों को शांत करवाया और जाम खुलवाया

जिसके बाद दुकान में ताला लगवा दिया। इसकी जानकारी मिलने पर 20 दुकानदारों ने अन्य व्यापारी और दुकानदारों के साथ मिलकर उरई के अंबेडकर चौराहे पर जाम लगा लिया। साथ ही प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। जाम और नारेबाजी की जानकारी मिलते ही स्थानीय उरई कोतवाली पुलिस के प्रभारी निरीक्षक शिव कुमार राठौर मौके पर पहुंचे। जहां उन्होंने जाम लगाए लोगों को समझा बुझाया शांत कराया और जाम को खुलवाया।

दूसरों को दुकान देने का नहीं है नियम

वहीं जाम लगाए दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन अपनी मर्जी से दुकानों में ताला लगा रहा है। जिससे दुकानदार पर रोजी रोटी का संकट पैदा हुआ है। मामले में सिटी मजिस्ट्रेट कुंवर वीरेंद्र प्रताप मौर्य का कहना है कि सिकमी दुकानदारों को दुकान किराए से देने का प्रावधान नहीं है। जिस कारण दुकानदारों को नोटिस दिया गया था। मगर इसके बाबजूद भी सिकमी दुकानदार दुकान लिए हुए थे। जिस पर कार्रवाई की गई है।

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