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UP में बाढ़ से बिगड़े हालात:सूबे के 16 जिलों के 400 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में, आज CM योगी हमीरपुर और जालौन का करेंगे हवाई दौरा; लोगों को बांटेंगे राहत सामग्री

लखनऊ/जालौन4 महीने पहले
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जालौन-हमीरपुर में बाढ़ पीढ़ित इलाकों का हवाई दौरा करेंगे। - Dainik Bhaskar
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जालौन-हमीरपुर में बाढ़ पीढ़ित इलाकों का हवाई दौरा करेंगे।

उत्तर प्रदेश के 16 जिलों के करीब 400 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। जल मग्न हो चुके गांव से हजारों लोग पलायन कर रहे हैं। हालात गुजरते दिनों के साथ खराब होत जा रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को बाढ़ पीड़ित जिलों का हवाई दौरा करेंगे। सीएम आज हमीरपुर और जालौन का दौरा कर स्थिति का जायजा लेंगे। साथ ही वो बाढ़ ग्रस्त इलाकों के लोगों को राहत सामग्री का वितरण कर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। वहीं, सोमवार को सीएम ने औरैया और इटावा के बाढ़ ग्रस्त इलाकों का हवाई दौरा किया था।

यमुना और बेतवा का जल स्तर बढ़ने से जालौन और हमीरपुर दोनों जिले बाढ़ की चपेट में हैं। जिसकी वजह से दर्जनों गांव जल मग्न हो गए हैं। लोग अपनी जान बचाने के लिए पलायन कर रहे हैं। ऐसे में इन बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा करके के बाद सीएम का हेलिकॉप्टर मंगलवार 4 बजे जालौन में माधौगढ़ तहसील के जगमन्नपुर हेलीपैड पर उतरेगा। जालौन पहुंचने के बाद सीएम बाढ़ राहत केंद्र का निरीक्षण करेंगे। शाम 4:05 बजे सीएम राहत शिविर पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद लोगों में राहत सामग्री बांटेंगे। इसके बाद उच्च अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर बाढ़ के हालातों का जायजा लेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिख रहा है।

सीएम के आगमन से पहले प्रशासन के अधिकारी जगमन्नपुर में हेलीपैड तैयार कराते हुए।
सीएम के आगमन से पहले प्रशासन के अधिकारी जगमन्नपुर में हेलीपैड तैयार कराते हुए।

जालौन के 67 गांव बाढ़ की चपेट में
यमुना नदी के बढ़े जल स्तर की वजह से जालौन के 67 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। गांव में रहने वाले सैकड़ों परिवार पलायन कर राहत शिविर में जिंदगी बिता रहे हैं। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत बचाव का कार्य जारी है। तीन दिन पूर्व जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह व प्रभारी मंत्री नीलिमा कटियार ने सर्वेक्षण करने के बाद सीएम को रिपोर्ट सौंपी थी। अब सीएम योगी आदित्यनाथ खुद जालौन का दौरा कर पीड़ितों से बात करेंगे।

राहत शिविर तो कुछ तंबू गाड़कर रह रहे
यमुना और बेतवा नदी के खतरे के निशान से चार मीटर ऊपर बह रही है। इससे हमीरपुर के 64 गांव जलमग्न हो गए हैं। इसमें 12 से अधिक गांव में स्थिति विकराल है। गांव वाले अपना घर छोड़कर राहत शिविरों में पहुंच गए हैं। तो कुछ हाईवे के किनारे ऊंचे इलाकों में तंबू गाड़कर डेरा डाले हैं। सैकड़ों लोगों को भरपेट खाना तक नसीब नहीं हो रहा। इसी बीच मुख्यमंत्री का आकस्मिक दौरा भी प्रस्तावित है। चित्रकूट धाम मंडल बांदा के कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि मंगलवार को मुख्यमंत्री बाढ़ ग्रस्त इलाकों का हवाई दौरा करेंगे।

बाढ़ में डूबी संगम नगरी
संगम नगरी प्रयागराज में गंगा और यमुना दोनों नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंगा 42 सेमी और यमुना 24 सेमी खतरे से निशान से ऊपर हो चुकी हैं। प्रयागराज के फाफामऊ में गंगा नदी 4 सेमी और छतनाग में 3 सेमी की रफ्तार से बढ़ रही है। तो वहीं नैनी में यमुना 4 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। नदियों का जल स्तर लगातार बढ़ने से शहर के 30 मोहल्लों के करीब 6000 घर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। इन इलाकों में रहने वाले करीब 10 हजार लोग राहत कैंप में हैं। इसके अलावा ग्रामीण इलाके से जुड़े लोग अपने गांव से चले गए हैं तो हजारों लोग अपने परिचितों के घरों में शरण ले रखी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में जो लोग फंसे हुए हैं, उनके सामने पिछले 3 दिन से बिजली और पानी का संकट भी खड़ा हो गया है। खाने के पैकेट प्रशासन की तरफ से जरूर दिए जा रहे हैं लेकिन वो नाकाफी हैं।

चंदौली में गंगा का जल स्तर बढ़ने से 12 से अधिक गांव डूबे।
चंदौली में गंगा का जल स्तर बढ़ने से 12 से अधिक गांव डूबे।

चंदौली के गावों में घुसी गंगा
चंदौली में गंगा ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। यहां गंगा खतरे के निशान को पार कर चुकी है और 1 से 2 सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। जल स्तर बढ़ने से गंगा के तटवर्ती इलाकों में आधा दर्जन गांव में गंगा का पानी घुस चुका है। इन इलाकों के रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। डीएम संजीव सिंह ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया। डीएम ने लोगों से हेल्पलाइन नंबर 05412-263557 फोन करके सूचना देने की अपील की है।

मिर्जापुर के 62 गांव बने टापू
मिर्जापुर में बाढ़ के पानी से 62 गांव टापू बन गए हैं। जल मग्न गांव में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। लोग डर के मारे गांव से पलायन कर रहे हैं। अकोढी, हरसिंहपुर और मल्लेपुर में गांव वाले जान बचाने के लिए गांव छोड़कर जाने को मजबूर हैं। गांव के उमेश सिंह ने बताया कि करीब एक हजार लोग केवल अकोढी गांव में ही लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। तीन हजार एकड़ फसल जल मग्न हो चुकी है। राहत के नाम पर केवल आश्वासन ही मिल रहा है। गंगा का जलस्तर 80.34 मीटर दर्ज किया गया। जबकि, खतरे के निशान 77.724 पर है। जो खतरे के निशान से चार सेंटी मीटर बढ़ा है। जिले में अलर्ट को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम की मांग की गई है।

कानपुर देहात में नदी का जल स्तर बढ़ने से सड़क जल मग्न हो गई।
कानपुर देहात में नदी का जल स्तर बढ़ने से सड़क जल मग्न हो गई।

कानपुर देहात में यमुना-सेंगुर का कहर
कानपुर देहात में बारिश के बाद यमुना व सेंगुर नदी अपना कहर बरपा रही है। यमुना नदी खतरे के निशान से 5 मीटर ऊपर से बह रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने से आढ़न, पथार, पड़ाव, चपरघटा, चतुरीपुरवा, रसूलपुर व भुंडा सहित दो दर्जन गांव तबाह हो गए हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। सरकार की सारी व्यवस्थाएं चरमरा चुकी हैं। गांव में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो चुकी है। लोग अंधेरे में जिंदगी बिता रहे हैं। इस अंधेरे को दूर करने के लिए प्रशासन अब मोमबत्ती बांट उजाला फैलाएगा। भोगनीपुर को सबसे ज्यादा 1200 मोमबत्तियां दी जाएंगी। जबकि, सिकंदरा तहसील में बाढ़ प्रभावित इलाकों में 500 मोमबत्तियां बांटी जाएंगी।

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