जालौन में गौवंशों के शवों को खा रहे कुत्ते:अव्यवस्थाओं के चलते गौशाला में मर रही गाय, मौतों को छुपाने में लगे अधिकारी

जालौन5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
जालौन में गौवंशों के शव को खा रहे कुत्ते। - Dainik Bhaskar
जालौन में गौवंशों के शव को खा रहे कुत्ते।

जालौन में गांवों में बनी गौशालाओं में गायों की अव्यवस्थाओं के चलते लगातार मौत हो रही है। उनके शवों को या तो कुत्ते खा रहे हैं। या फिर शव खुले में पड़े हुए हैं। जानकारी के अनुसार इन गायों की मौतें भूख, प्यास व ठंड के कारण हो रही हैं। जिसे लेकर जिम्मेदारों ने आंखे मूंद रखी है। मरे हुए गौवंशों की तस्वीरे सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एडीओ पंचायत ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल की है।

प्रधान व सचिव गौवंशों पर नहीं देते ध्यान

गौशाला की पहली तस्वीर गोवर्धनपुरा गांव की है। जहां गौशाला में व्यवस्था न होने के कारण भूख प्यास और ठंड के कारण गौवंशों की मौत हो रही है। इतना ही नहीं इन गौवंशों की मौत हो जाने के बाद भी इन्हें प्रधान व सचिव द्वारा संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। न ही उन्हें दफनाने की कोई व्यवस्था की जा रही है। जिस कारण इन मरे हुए गौवंशों को कुत्ते खा रहे हैं।

गौशाला में मृत पाए गए गौवंश
गौशाला में मृत पाए गए गौवंश

सरकारी पैसों से नहीं करवाया गया कोई काम

वहीं दूसरी तस्वीर नदीगांव विकासखंड के अंतर्गत आने वाले ग्राम ब्यौनाराजा की है। जहां पर गौशाला के लिए शासन द्वारा पैसा तो आवंटित कर दिया गया लेकिन यहां पर गौशाला के नाम पर कोई भी काम नहीं कराया गया है। जिस कारण एक छोटे से बाड़े में सैकड़ों की तादात में गौवंश को रखा जा रहा है। यहां पर न तो गौवंश को ठंड और बारिश से ढकने के लिए त्रिपाल लगाई गई है। न ही किसी प्रकार की कोई व्यवस्था उनके खाने पीने के लिए है। जिस कारण उनकी मौत हो रही है।

अधिकारी बोले- नहीं हुई किसी गौवंश की मौत

इन तस्वीरों से साबित होता है कि प्रशासनिक अधिकारी गौवंश के संरक्षण के प्रति जागरुक नहीं है। जिसका नतीजा गांव के सचिव पवन सिंह ने बताया कि उन्हें अभी ज्वाइन किए कुछ ही दिन हुए हैं और वहां पर कोई भी पैसा गौशाला के लिए आवंटित नहीं किया गया है। जिस कारण इन गौवंशों को प्रधान द्वारा निजी खर्चे पर एक बाड़े में बंद किया गया है। वहीं इस मामले में नदीगांव विकासखंड के एडीओ पंचायत नरेश द्विवेदी ने बताया कि वह मौके पर खुद गए हैं और वहां पर कोई भी गौवंश मरा हुआ नहीं मिला है। यहां पर गौशाला का निर्माण जल्द से जल्द कराया जाएगा। अभी जो गौवंश को रखा गया है उन्हें सिर्फ एक बाड़े में बंद किया गया है। जहां पर उनको संरक्षित करने के लिए व्यवस्था की जा रही है।