जौनपुर में डेंगू का कहर:पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री समेत 2 की मौत, नोडल अधिकारी की जांच में स्वास्थय विभाग के दावे हुए फेल

जौनपुरएक महीने पहले
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जौनपुर में नोडल अधिकारी ने किया डेंगू वार्ड का निरीक्षण। - Dainik Bhaskar
जौनपुर में नोडल अधिकारी ने किया डेंगू वार्ड का निरीक्षण।

जौनपुर में डेंगू बुखार की चपेट में अब तक कई लोग चुके हैं। इसकी चपेट में आकर पूर्व दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री समेत 2 लोगों की मौत हो गयी है। वहीं डेंगू की चपेट में आए सूचना अधिकारी समेत दो लोगों का इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग डेंगू को लेकर भले ही बेहतर इंतजाम के तमाम दावे करता हो। नोडल अधिकारी के निरीक्षण के दौरान सभी दावों की पोल खुल गई।

36 घंटे में नहीं दी डेंगू रिपोर्ट
पुरुष चिकित्सालय में प्रभारी नोडल अधिकारी जीएस प्रियदर्शी को निरीक्षण के दौरान डेंगू वार्ड में कमियां मिली हैं। डेंगू वार्ड में दो मरीज भर्ती थे। शनिवार को निरीक्षण में यह पता चला कि 36 घंटे से एक मरीज को डेंगू जांच की रिपोर्ट ही नहीं दी गई है। इस बात पर प्रभारी नोडल अधिकारी नाराज हो गए। गलती सामने आने पर सीएमएस ने कहा कि उस मरीज को सर्जिकल वार्ड में भर्ती कराया जाएगा।

पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री की हुई मौत
पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री डॉ केपी यादव डेंगू की चपेट में गए। पहले वह वाराणसी के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती थे। तबीयत में सुधार न होने पर उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। तो वहीं जौनपुर निवासी राजेश यादव(35) जो कि पेशे से हलवाई थे। उसकी भी एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

सूचना अधिकारी को कोविड के बाद हुआ डेंगू
जौनपुर की सूचना अधिकारी मनोकामना राय भी डेंगू की चपेट में आ गयी हैं। उनकी डेंगू की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। पूर्व में सूचना अधिकारी कोविड की चपेट में भी आ गयी थी। तो वहीं जौनपुर के बदलापुर कस्बे में सुनील निगम( 12) भी डेंगू की चपेट में आ गया है। किशोर का इलाज वाराणसी के निजी अस्पताल में चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम मरीज ने घर पहुंच कर मरीज के परिवार वालों का भी सैम्पल इकट्ठा किया है।

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