पानी-पानी हुई रिवर फ्रंट योजना:जौनपुर में दोबारा जलमग्न हुई 8 करोड़ की योजना, नमामि गंगे परियोजना के तहत हो रहा काम, स्वच्छ गोमती अभियान ने लगाए आरोप

जौनपुरएक महीने पहले
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पानी-पानी हुई रिवर फ्रंट योजना - Dainik Bhaskar
पानी-पानी हुई रिवर फ्रंट योजना

जौनपुर जिले में गोमती नदी के घाटों के सुंदरीकरण को लेकर लखनऊ के रिवर फ्रंट डेवलपमेंट की तर्ज पर काम हो रहा है। इस योजना के अंतर्गत घाटों का सुंदरीकरण और नवीनीकरण होगा, लेकिन आठ करोड़ की लागत से चल रही यह योजना दोबारा जलमग्न हो गई है। स्वच्छ गोमती अभियान के अध्यक्ष गौतम गुप्ता ने आरोप लगाया कि यह योजना अदूरदर्शिता का शिकार हो गई है। मानसून के मौसम में जब नदियों का जलस्तर बढ़ जाता है तो ऐसे में इस तरह की योजना शुरू क्यों की गई। किस बात की जल्दबाजी थी कि इतनी महत्वकांक्षी योजना को ऐसे समय शुरू किया जाए, जब अमूमन नदियों का जलस्तर बढ़ने लगता है।

नगर आवास विकास मंत्री ने दी थी सौगात

नमामि गंगे योजना के तहत स्वच्छ गंगा मिशन को लेकर जौनपुर में गोमती नदी के किनारे चल रहे इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास स्थानीय विधायक और नगर आवास विकास मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने किया था। लगभग आठ करोड़ की लागत से चल रहे इस प्रोजेक्ट का दायरा 650 मीटर का है। बजरंग घाट से लेकर सद्भावना पुल तक इस योजना के तहत घाटों का पुनर्निर्माण और सुंदरीकरण होना है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिहाज से लखनऊ के रिवर फ्रंट डेवलपमेंट की तर्ज पर जौनपुर में यह काम चल रहा है।

नगर आवास विकास मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने किया था शिलान्यास।
नगर आवास विकास मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने किया था शिलान्यास।

नदी का जलस्तर बढ़ने से ठप हुआ काम

शिलान्यास के बाद से ही इस पर काम शुरू हो गया था। वाटर ट्रेनिंग के साथ इलाके में नदियों के किनारे बांस- बल्ली और रेत की बोरी डालकर वाटर ड्रेन किया जा रहा था। अगस्त महीने में भी नदियों का जलस्तर बढ़ने से जिन जगहों पर वाटर ड्रेन किया गया था, वहां वापस से पानी भर गया था। ऐसे में मानसून के सत्र में इस योजना की शुरुआत पर सवालिया निशान खड़े हो गए थे। बड़ी संख्या में मजदूर लगाकर काम शुरू कराया गया था, लेकिन नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण अब काम ठप हो गया है। जब नदी का जलस्तर घटने लगा तो वापस से काम शुरू हुआ।

दोबारा जलमग्न हुई महत्वाकांक्षी योजना

स्वच्छ गोमती अभियान के अध्यक्ष गौतम गुप्ता ने कहा कि इस योजना में अब तक लगे सारे पैसे भी जलमग्न हो गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने जनता के लाभ के लिए और उस शहर के सुंदरीकरण के लिए जितने पैसे भी दिए थे, वह सभी पैसे विभाग के चलते जलमग्न हो गए हैं। जलस्तर कम होने पर वापस से काम शुरू करा दिया जाता है, लेकिन ऐसे मौसम में इस काम को शुरू कराने की जल्दबाजी आखिर क्यों है। उन्होंने कहा कि अगर 8 करोड़ के इस प्रोजेक्ट में एक करोड़ रुपए शुरुआती दौर में जलमग्न हो गए तो ठेकेदार अपनी जेब से पैसा नहीं लगाएगा। वह इसी निर्गत की गई राशि में से कटौती करेगा। ऐसे में नुकसान आम जनता और सरकारी धन का ही होगा।

गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से रुका रिवर फ्रंट का काम।
गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से रुका रिवर फ्रंट का काम।

रिवर फ्रंट काम के चलते नदी की धारा में हुआ परिवर्तन

स्वच्छ गोमती अभियान के अध्यक्ष गौतम गुप्ता ने आरोप लगाया कि रिवर फ्रंट डेवलपमेंट काम के चलते नदी की धारा में भी परिवर्तन हुआ है। बढ़े हुए जलस्तर के कारण अभी धारा परिवर्तन दिख नहीं रहा है। जब इसका जलस्तर कम था तब साफ रूप से नजर आ रहा था कि नदी की धारा में परिवर्तन हो गया है। उन्होंने कहा कि यह नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों का सरासर उल्लंघन है। नदी में लगभग 50 फीट तक काम चल रहा है, जबकि एनजीटी का निर्देश है कि सुंदरीकरण के किसी भी काम में नदी की धारा को बाधित नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे ही नदी की धारा को अवरुद्ध किया जाएगा तो निश्चित रूप से स्वच्छ गोमती अभियान एनजीटी को इस मामले से अवगत कराएगी।

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