ओमप्रकाश श्रीवास्तव के घर शोक व्यक्त करने पहुंचे नीरज शेखर:जौनपुर में बोले राज्यसभा सांसद- नीरज शेखर की अलग विचारधारा है, पिता से तुलना करना गलत, वो दौर कुछ अलग था

जौनपुर2 महीने पहले
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जौनपुर पहुंचे नीरज शेखर। - Dainik Bhaskar
जौनपुर पहुंचे नीरज शेखर।

जौनपुर में 1 सितंबर को पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेहद करीबी रहे ओमप्रकाश श्रीवास्तव का निधन हो गया था। वह कई दिनों से बीमार थे। 1991 में सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की सरकार में वह चिकित्सा मंत्री भी रहे थे। सोमवार को उनके जौनपुर आवास पर पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पुत्र बीजेपी से राज्यसभा सांसद नीरज शेखर शोक व्यक्त करने पहुंचे।

ओमप्रकाश का जाना मेरी व्यक्तिगत क्षति

राज्यसभा सासंद नीरज शेखर ने बताया कि ओमप्रकाश श्रीवास्तव आखरी व्यक्ति रहे होंगे, जो पिता चंद्रशेखर के करीबियों में से एक थे। उनका जाना व्यक्तिगत क्षति है। नीरज शेखर ने कहा कि अपनी आखिरी सांस तक ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने समाजवादी जनता पार्टी का दामन नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि भवन से आश्रम में चंद्रशेखर जी और ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने काफी साल एक साथ बिताए थे। उनकी विचारधारा मेल खाती थी। पिता चंद्रशेखर के जाने के बाद ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने राजनीति में उन्हें सही मार्ग दिखाए। राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने कहा कि वह जब समाजवादी पार्टी में गए तो उन्हें ओमप्रकाश श्रीवास्तव का आशीर्वाद मिला। भाजपा में जाने के फैसले को लेकर भी उन्होंने ओमप्रकाश श्रीवास्तव से बात की थी।

ओमप्रकाश श्रीवास्तव का 1 सितंबर को हुआ था निधन।
ओमप्रकाश श्रीवास्तव का 1 सितंबर को हुआ था निधन।

आज के राजनीतिक हालात पर ओमप्रकाश ने जताई थी चिंता

ओमप्रकाश श्रीवास्तव की तबियत कई दिनों से खराब चल रही थी। कुछ महीने पूर्व ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने राजनीतिक हालात पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि देश में इस वक्त जो हालात चल रहे हैं, अगर चंद्रशेखर जी जिंदा होते तो सबसे ज्यादा दुखी वही होते। इस बात पर नीरज शेखर ने कहा कि वह मानते हैं कि देश में कुछ समस्याएं हैं। चंद्रशेखर और ओमप्रकाश जी देश के विकास के लिए सोचते थे। उन लोगों ने कभी व्यक्तिगत विकास की कोई बात नहीं की। दोनों लोग भले ही किसी विचारधारा से जुड़े थे, लेकिन जो फैसले देश हित में नहीं होते थे, वह उनका विरोधी करते थे।

बीजेपी में जाना मेरा निजी फैसला, नीरज शेखर की अलग विचारधारा है

बीजेपी में जाने की बात को लेकर नीरज शेखर ने कहा कि वह उनका निजी फैसला था। नीरज शेखर की अलग विचारधारा है। पिता और ओमप्रकाश श्रीवास्तव से तुलना करना गलत होगा। उन्होंने कहा कि तब का दौर अलग था। आज अलग माहौल है। उन्होंने कहा कि जब वह भारतीय जनता पार्टी में गए तब ओमप्रकाश श्रीवास्तव को भी लाने की बात हुई थी, लेकिन ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने सपा का दामन नहीं छोड़ा।

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