जौनपुर की बदलापुर सीट का सियासी समीकरण:इस सीट पर ब्राह्मण ही चुने गए विधायक, पंडित जी तय करते हैं विधानसभा का सियासी गणित

जौनपुर5 महीने पहले
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यूपी की राजनीति में ब्राह्मणों को लुभाने की कवायद में हर दल जुटा हुआ है। यूपी में ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या 12-14 प्रतिशत के करीब है। आलम ये है कि जौनपुर की बदलापुर विधानसभा में भी ब्राह्मण मतदाता गेमचेंजर की भूमिका में नजर आते हैं। बदलापुर विधानसभा का सियासी भविष्य भी ब्राह्मण वोटर्स तय करते हैं।

16वीं विधानसभा में हुए चुनाव

जौनपुर की बदलापुर विधानसभा 2012 में अस्तित्व में आई। जौनपुर की तत्कालीन रारी, गढ़वारा और खुटहन विधानसभा के परिसीमन में बदलाव कर बदलापुर विधानसभा का गठन हुआ। 16वीं विधानसभा चुनाव में पहली बार बदलापुर विधानसभा में चुनाव हुए। उस वक्त विधानसभा में कुल 3 लाख 17 हजार 614 मतदाता थे। प्रमुख रूप से बदलापुर में ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या है। ब्राह्मण मतदाताओं के बाद विधानसभा में ठाकुर, यादव, निषाद, पटेल और दलित मतदाताओं की संख्या है।

बदलापुर विधानसभा के पहले चुनाव में सभी प्रमुख सियासी दलों ने अपने उम्मीदवार उतारे थे। सपा से ओमप्रकाश दुबे, बसपा से लालजी यादव, कांग्रेस से विवेक सिंह राजा तो वहीं बीजेपी ने विनय सिंह पर दांव लगाया था। इस चुनाव में सपा के ओमप्रकाश उर्फ बाबा दुबे ने जीत दर्ज की थी। बाबा दुबे को कुल 65,278 वोट मिले थे। उन्हें लगभग 37% वोट प्राप्त हुए थे। उन्होंने बसपा के लालजी यादव को लगभग 15 हजार वोट के अंतर से हराया था, लेकिन 2017 के विधानसभा के चुनाव परिणाम बदल गए।

2017 चुनाव में ब्राह्मण वोटर्स बने गेमचेंजर

2017 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने रमेश चंद्र मिश्रा को अपना प्रत्याशी बनाया। बसपा से लालजी यादव तो वहीं सपा ने अपने मौजूदा विधायक ओमप्रकाश उर्फ बाबा दुबे को ही टिकट दिया। 2017 के विधानसभा चुनाव में ब्राह्मण वोटर्स ने फिर से गेमचेंजर की भूमिका अदा की। बदलापुर विधानसभा में सत्ता परिवर्तन तो हुआ, लेकिन फिर ब्राह्मण उम्मीदवार ने ही बाजी मारी। बीजेपी के रमेश चंद्र मिश्रा को सर्वाधिक 60,237 वोट मिले। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी बसपा के लालजी यादव को 2,372 वोट से चुनाव हराया। इस चुनाव में सपा के बाबा दुबे को 46,545 वोट मिले।

ब्राह्मण मतदाताओं की अहम भूमिका

अस्तित्व में आने के बाद बदलापुर विधानसभा में हुए दो विधानसभा चुनाव में ब्राह्मण मतदाताओं ने अहम भूमिका अदा की। पार्टी के कोर वोटर्स के साथ ब्राह्मण मतदाता उम्मीदवार का सियासी भविष्य तय करते हैं। बदलापुर विधानसभा में बसपा उम्मीदवार कोर वोटर्स के बदौलत लड़ाई में तो बनी रहती है, मगर जीत के जादुई आंकड़े को पार नहीं कर पाती है। पिछले 2 चुनाव में बसपा को यहां से दूसरे स्थान से ही संतोष करना पड़ा है।