• Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Jaunpur
  • Seeing The Eyes Of The Jaunpur Accident, Shanno Was Standing After Offering Namaz That The House Collapsed, Felt The Cylinder Exploded; View Photos

जौनपुर हादसे की आंखों देखी:बुजुर्ग महिला नमाज पढ़कर खड़ी हुई थी कि तीन मंजिला मकान ढह गया, पड़ोसी बोले- लगा सिलेंडर फटा है

जौनपुर10 महीने पहले
तीन मंजिला मकान ढहने से एक परिवार के चार लोग समेत 5 की मौत हो गई।

जौनपुर के रोजा अर्जन मोहल्ले में एक तीन मंजिला मकान देर रत ढह गया। इसमे दब कर 5 लोगों की मौत हो गई। जबकि 6 लोग घायल हैं। इस हादसे में हुई मौतों के निशां अभी भी ढह गए मकान की दीवारों पर दिख रहे हैं। मकान की दीवार पर बच्चों के बैग टंगे हुए हैं। आसपास खड़े पड़ोसी कहते हैं कि बुजुर्ग महिला शन्नो नमाज पढ़ कर खड़ी ही हुई थी कि पूरा मकान ढह गया। इसके बाद चीख पुकार मच गई। आनन-फानन में लोगों को निकाला गया और अस्पताल भेजा गया। जहां से 5 की मौत की खबर आई।

जौनपुर में तीन मंजिला मकान ढहा:एक ही परिवार के 4 लोगों समेत 5 की मौत, 6 घायल

दरअसल, जो मकान ढहा उसमें कमरुद्दीन और जमालुद्दीन का परिवार रहता था। दोनों भाइयों की मौत पहले हो चुकी है। हादसे में जमालुद्दीन की पत्नी और एक बेटी समेत दो बेटों की भी मौत हो गई है। पड़ोस में टीन शेड में सो रहे अजीमुल्लाह की भी मौत हो गई है। इस हादसे के चश्मदीदों ने बताया कि सब खाना खाकर घर में आराम करने जा रहे थे तभी हादसा हो गया।

रात खाना खाने के बाद यह हादसा हुआ तो मोहल्ले में हड़कंप मच गया।
रात खाना खाने के बाद यह हादसा हुआ तो मोहल्ले में हड़कंप मच गया।

लगा गैस सिलेंडर फट गया
ढहे मकान से लगभग 100 मीटर की दूरी पर शरफुद्दीन का मकान है। दिन भर काम से थक हार कर लौटे शरफुद्दीन खाना खाकर आराम करने जा ही रहे थे कि अचानक से तेज आवाज आई। उन्हें लगा कि किसी घर में गैस सिलेंडर फट गया है। वह दौड़ते हुए घर से बाहर निकले तो धूल के गुबार में उन्हें कुछ दिखाई नहीं दिया। बस चीख पुकार मची हुई थी। वह आगे गए तो देखा पूरा मकान ढह गया है। वह भी मदद को दौड़े।

शरफुद्दीन बताते हैं कि हम मलबे में फंसे लोगों को निकालते जा रहे थे और उन्हें अस्पताल भेजते जा रहे थे। देर रात पता चला कि हादसे में घायल परिवार के चार सदस्यों सहित एक पड़ोसी की मौत हो गई है। कोई और न दबा हो इसके लिए फायर ब्रिगेड के साथ मिलकर रात भर मलबे में लोगों को ढूंढा गया।

पड़ोसियों के मुताबिक परिवार का इकलौता कमाने वाला बच्चा अभी सिर्फ 16 साल का ही है। वह रोटी बनाकर 200-300 रूपए रोज कमाता है। फ़िलहाल वह हादसे के वक्त अपने ननिहाल में था। इसलिए वह बच गया।
पड़ोसियों के मुताबिक परिवार का इकलौता कमाने वाला बच्चा अभी सिर्फ 16 साल का ही है। वह रोटी बनाकर 200-300 रूपए रोज कमाता है। फ़िलहाल वह हादसे के वक्त अपने ननिहाल में था। इसलिए वह बच गया।

तेज आवाज सुनाई दी फिर चीख पुकार मच गई
पड़ोस के रहने वाले शाहिद आलम बताते हैं कि मैं खाना खाकर रात 11-11.30 बजे घर से बाहर आया था। कुछ लोग अपने घरों से बाहर टहल रहे थे। इनके घर में भी खाना खाकर सोने की तैयारियां चल रही थी। बच्चे सो भी गए थे अचानक तेज आवाज के साथ मकान भरभरा कर गिर गया। हम लोग दौड़ते हुए लोगों को बचाने पहुंचे तो कमरुद्दीन की पत्नी शन्नों हमें सबसे पहले मिली। उन्होंने बताया कि मैं नमाज पढ़ कर खड़ी ही हुई थी और छत मेरे सिर पर गिर गई। अचानक से अंधेरा छा गया। कुछ पता ही नहीं चला कि क्या हो गया।

गुरुवार रात 11:30 बजे के बाद यह हादसा हुआ है। शुक्रवार सुबह तक प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया है।
गुरुवार रात 11:30 बजे के बाद यह हादसा हुआ है। शुक्रवार सुबह तक प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया है।

12 घंटे बाद भी चल रहा मलबा हटाने का काम
रात खाना खाने के बाद यह हादसा हुआ तो मोहल्ले में हड़कंप मच गया। घर के सामान इधर उधर बिखरा हुआ पड़ा है। अभी भी मलबा हटाने का काम चल रहा है। पड़ोसियों के मुताबिक़ परिवार का इकलौता कमाने वाला बच्चा अभी सिर्फ 16 साल का ही है। वह रोटी बनाकर 200-300 रुपए रोज कमाता है। फ़िलहाल वह हादसे के वक्त अपने ननिहाल में था। इसलिए वह बच गया।

कमरुद्दीन और जमालुद्दीन दोनों सगे भाई थे। मकान में दोनों के परिवार एक साथ रहते हैं।
कमरुद्दीन और जमालुद्दीन दोनों सगे भाई थे। मकान में दोनों के परिवार एक साथ रहते हैं।
खबरें और भी हैं...