जौनपुर में पुरातत्व विभाग की दुकानों पर है कब्जा:दुकानों के किराए के बारे में अधिकारी को नहीं कोई जानकारी, अतिक्रमण पर मौन है जिला प्रशासन

जौनपुर17 दिन पहले
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जौनपुर में पुरातत्व विभाग की दुकानों पर है कब्जा। - Dainik Bhaskar
जौनपुर में पुरातत्व विभाग की दुकानों पर है कब्जा।

जौनपुर में दबंगों ने विभाग की मिलीभगत से पुरातत्व विभाग की दुकानों पर कब्जा कर लिया है। अब तक इस पूरे मामले से पुरात्तव विभाग अंजान बना हुआ है। विभाग के अधिकारियों को ये तक नहीं पता कि दुकानों का किराया कौन ले रहा है। शहर के बीचों बीच बने शाही पुल के दोनों छोर पर पुरातत्व विभाग के स्मारक के पास अतिक्रमण हो रखा है। शाही पुल पर ऐतिहासिक शेर और हाथी की प्रतिमा बनी हुई है। पत्थर का शेर और शाही पुल 3 मई 1967 और 31 जनवरी 1978 के पुरातत्व विभाग द्वारा राज्य संरक्षित घोषित किया गया है। इसके आसपास की दुकानों के आवंटन व मालिकाना हक पुरातत्व सर्वेक्षण का ही है।
विभाग नहीं जानता किराया कौन ले रहा
जिले के क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ सुभाष चंद्र यादव इस पूरे मामले से पूरी तरह अंजान हैं। उनको यह तक नहीं मालूम कि पुरातत्व विभाग ने जो दुकानें आवंटित की हैं वह किसके नाम से हैं और उसका किराया कौन वसूलता है। शाही पुल के दोनों छोर पर दुकानदारों ने अतिक्रमण कर रखा है। जो स्मारक संरक्षित है उसकी सुंदरता अतिक्रमण करने वालों ने बिगाड़ दी है। इस मामले पर पुरातत्व अधिकारी डॉक्टर सुभाष चंद्र यादव ने बताया कि अगर दुकानदार उसके मालिक हैं। तो उनके पास कागज जरूर होगा। अगर वह किराया जमा करते हैं। तो उनके पास किराए की रसीद भी होगी। आगे कहा कि विभाग के हिसाब से उन्हीं के संरक्षण में पुल है। किसी भी तरह की कोई दुकान पुरातत्व विभाग के दायरे में नहीं है।

दुकाने नगरपालिका के क्षेत्र में भी नहीं हैं
पूरे मामले में नगरपालिका के अधिकारी से पूछने पर यह पता चला कि दुकानें नगरपालिका के क्षेत्र में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यह सब कुछ पुरातत्व विभाग के दायरे में आता है। जबकि पुरातत्व विभाग इस मामले में न तो किसी को नोटिस दे रहा है और न तो उसे किराए की जानकारी है।

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