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जौनपुर...डेंगू के प्रकोप के बाद भी सो रहा प्रशासन:बिना रिपोर्ट के मरीज को डेंगू वार्ड में रखा, अस्पताल में नहीं है एलिसा टेस्ट की व्यवस्था, 2 बजे के बाद हेल्प डेस्क पर पड़ जाता है ताला, पढ़ें ये रिपोर्ट...

जौनपुरएक महीने पहले
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सीएमएस ने डॉक्टरों को लगाई फटकार। - Dainik Bhaskar
सीएमएस ने डॉक्टरों को लगाई फटकार।

यूपी के जौनपुर में स्वास्थ्य सेवा दम तोड़ती नजर आ रही हैं। जिला अस्पताल का आलम यह है कि खुद उसे इलाज की जरूरत है। यूपी के कई जिलों में लोग बुखार और डेंगू की चपेट में आ रहे हैं। जौनपुर के जिला अस्पताल में भी रोजाना बुखार और डेंगू के लक्षण वाले मरीज बड़ी संख्या में आ रहे हैं। जौनपुर में कुल 7 डेंगू के एक्टिव केस हैं। लेकिन 2 बजे के बाद डेंगू वार्ड और फीवर हेल्प डेस्क पर ताला लटक जाता है।

मरीज को भेज दिया बनारस

जौनपुर के खेतासराय के भुड़कुड़हा गांव के दिलीप अपने 8 साल के बच्चे को लेकर जिला अस्पताल आए हुए थे। शनिवार की रात से बच्चे को तेज बुखार था। रविवार को उसे निजी अस्पताल में दिखाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्लेटलेट्स कम होने पर उसे जवाब दे दिया। बेहतर इलाज की आस में परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर आए। यहां पर हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बनारस ले जाने की बात कही।

बिना रिपोर्ट के डेंगू वार्ड में भर्ती किया।
बिना रिपोर्ट के डेंगू वार्ड में भर्ती किया।

सीएमएस ने परिजनों की दी गलती

इस पूरे मामले में सीएमएस अस्पताल का बचाव करते नजर आ रहे हैं। वो पूरी गलती परिजनों के ऊपर डाल रहे हैं। सीएमएस कहते हैं कि बच्चों के परिजनों ने ही इलाज के लिए इधर-उधर भटकने में देर कर दी। उन्होंने कहा कि बच्चे का सैंपल लेकर उसे 108 के माध्यम से बनारस रेफर कर दिया गया है. यहां पर उसकी हालत काफी गंभीर थी।

डेंगू वार्ड में लग जाता है ताला।
डेंगू वार्ड में लग जाता है ताला।

रिपोर्ट ना आने के बाद भी डेंगू वार्ड में रखा

जौनपुर में स्वास्थ्य महकमे की लापरवाही का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बिना किसी रिपोर्ट के मरीज को 36 घंटे डेंगू वार्ड में रखा गया। नोडल अधिकारी के निरीक्षण के दौरान जब यह पूछा गया कि क्या मरीज की डेंगू रिपोर्ट आ गई है तो इस पर सीएमएस ने जवाब दिया कि अभी तक डेंगू की कोई रिपोर्ट नहीं आई है। प्रभारी नोडल अधिकारी ने यह पूछा कि इस मरीज को वार्ड में कब से रखा गया है, तो सीएमएस ने जवाब दिया कि 36 घंटे से इसको डेंगू वार्ड में रखा गया है। यह सुनते ही नोडल अधिकारी सीएमएस पर भड़क उठे। उन्होंने फटकार लगाते हुए सीएमएस से कहा कि बिना किसी डेंगू रिपोर्ट के आखिर मरीज को क्यों डेंगू वार्ड में भर्ती किया गया है। बाद में मरीज की डेंगू रिपोर्ट नेगेटिव आई है। अस्पताल की ऐसी लापरवाही लोगों की जान के लिए खतरा बन सकती है।

अस्पताल में नहीं हैं स्वास्थ्य सेवाएं।
अस्पताल में नहीं हैं स्वास्थ्य सेवाएं।

नहीं हो रहा है एलिसा टेस्ट

जौनपुर के जिला अस्पताल में डेंगू के लिए एलिसा टेस्ट नहीं होता है। जिला अस्पताल में सिर्फ NS1, IGG और IGM टेस्ट ही होता है। जिला प्रशासन भले ही अच्छी स्वास्थ्य व्यवस्था का दावा कर ले लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। सीएमएस का कहना है कि एलिसा टेस्ट की मशीन मंगा ली गई है। इस सप्ताह से जिला अस्पताल में भी एलिजा टेस्ट शुरू हो जाएंगे।

डेंगू के साथ नहीं होता है कोविड टेस्ट

जिला अस्पताल में बुखार और डेंगू के लक्षण के साथ आ रहे लोगों का कोविड टेस्ट नहीं किया जा रहा है। जिले में डेंगू के बढ़ते केस ने कोविड के प्रति लापरवा। जिला अस्पताल में जो लोग डेंगू के लिए टेस्ट करवाने आ रहा हैं उनका कोविड टेस्ट नहीं किया जा रहा है। उन मरीजों का सिर्फ और सिर्फ कोविड टेस्ट किया जा रहा है।

हेल्प डेस्क हमेशा रहती है खाली।
हेल्प डेस्क हमेशा रहती है खाली।

चैम्बरों पर लटका मिलता है ताला

जिला अस्पताल में 2 बजे के बाद कई चैम्बरों में ताला लटक जाता है। एक तरफ जहां बुखार और डेंगू के लक्षण के लोग बड़ी संख्या में अस्पताल में आ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ 2 बजे के बाद फीवर हेल्प डेस्क पर भी ताला लटक जाता है। जनपद में 7 एक्टिव मरीज होने के बाद भी डेंगू वार्ड में एक भी मरीज भर्ती नहीं है।डेंगू वार्ड में भी ताला लटका हुआ है।

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