पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

मुख्तार अंसारी का एंबुलेंस कनेक्शन:मुख्तार अंसारी का कुबूलनामा, 2013 से इस्तेमाल कर रहा था एंबुलेंस; बाराबंकी में मेरे कई गुर्गे काम कर रहे

बाराबंकी4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो

बांदा जेल में बंद माफिया डॉन मुख्तार अंसारी से गुरुवार को बाराबंकी पुलिस पूछताछ करने पहुंची। इससे पहले बाराबंकी पुलिस ने एंबुलेंस प्रकरण में कोर्ट से मुख्तार अंसारी से पूछताछ की अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने अनुमति के बाद गुरुवार को विवेचक महेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में बांदा पहुंची पुलिस टीम ने काफी देर तक पूछताछ की।

इस दौरान मुख्तार अंसारी ने पुलिस को बताया कि साल 2013 में रजिस्टर्ड एंबुलेंस UP 41 AT 7171 के इस्तेमाल करने की बात कुबूल कर ली है। साथ ही मुख्तार अंसारी ने बाराबंकी में उसके कई गुर्गे होने की बात भी कही है।

अबतक 3 आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार

एंबुलेंस प्रकरण में पुलिस ने अबतक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जिसमें मऊ के संजीवनी हास्पिटल की संचालिका डॉ अलका राय, मुख्तार के गुर्गे राजनाथ यादव और शेषनाथ राय को गिरफ्तार कर भेजा जा चुका है। पुलिस ने तफ्तीश में मुख्तार अंसारी को साजिश का आरोपी बनाते हुए कई और लोगों को भी मुकदमे में शामिल किया था।

बाराबंकी नंबर की एंबुलेंस से पहुंचा था मोहाली कोर्ट

दरअसल, जब मुख्तार अंसारी पंजाब की रोपड़ जेल में बंद था, तब उसे मोहाली कोर्ट में पेश किया गया था. इस दौरान जब मुख्तार को कोर्ट गया तो वो यूपी के बाराबंकी की नंबर प्लेट लगी हुई इसी एंबुलेंस से मोहाली कोर्ट पहुंचा था।

इसके बाद जब पुलिस ने जांच की तो पाया कि इस एंबुलेंस का फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्रेशन कराया गया है। जिसके बाद बाराबंकी की नगर कोतवाली में मुख्तार अंसारी को इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता बनाकर केस दर्ज कराया गया था।

खबरें और भी हैं...