बुंदेलखंड में निर्यात की अनेकों संभावनाएं हैं: डीएम:झांसी में मनाया गया ’’वाणिज्य उत्सव’’; निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए जन आंदोलन की आवश्यकता, बुंदेलखंड एक मार्केट हब के रूप में उभर रहा है

झांसी2 महीने पहले
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कॉन्क्लेव ​​​​​​​में बताया गया जैविक खेती के उत्पादों को प्रोसेसिंग और पैकेजिंग करते हुए निर्यात किया जाए तो किसानों और उद्यमियों के लिए लाभदायक होगा - Dainik Bhaskar
कॉन्क्लेव ​​​​​​​में बताया गया जैविक खेती के उत्पादों को प्रोसेसिंग और पैकेजिंग करते हुए निर्यात किया जाए तो किसानों और उद्यमियों के लिए लाभदायक होगा

झाँसी। भारत सरकार के “वाणिज्य मंत्रालय एवं उद्योग विभाग" के आपसी समन्वय से आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर "आजादी का अमृत महोत्सव" के उपलक्ष्य में वाणिज्य सप्ताह अंतर्गत" एक्सपोर्ट कॉन्क्लेव तथा एक दिवसीय निर्यात/ ओडीओपी प्रदर्शनी भव्य आयोजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार में किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि अब बुंदेलखंड बदल रहा है बुंदेलखंड एक मार्केट हब के रूप में उभर रहा है, यहां राजस्व में भी पिछले वर्ष से इस वर्ष लक्ष्य भी बढ़ाया गया है जो यह बताता है कि क्षेत्र में औद्योगिक विकास दर बढ़ी है। मटर, टमाटर, मूंगफली, अदरक, हल्दी एक पहचान बन चुकी है इसका मुख्य कारण जैविक खेती है

अपना रोजगार करके आत्मनिर्भर बने

जिला पंचायत अध्यक्ष पवन कुमार गौतम ने कहा कि देश एवं प्रदेश सरकार जन-जन के उत्थान हेतु प्रतिबद्ध है। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा उद्यमी एवं निर्यातकों के लिए उत्पादन योजनाओं सहित अनेक प्रकार की निर्यात प्रोत्साहन योजनाएं चलायी जा रही हैं। इसका सीधा फायदा उद्यमियों को मिलने से निवेश को भी प्रोत्साहन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि निर्यात को बढ़ावा देने में उद्यमियों की भूमिका अहम है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने एक्सपोर्ट कॉन्क्लेव में आए सभी उद्यमी, उद्योगपति व व्यापारियों का स्वागत किया, उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उद्यमियों एवं प्रशिक्षित बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए अनेक योजनाओं चलाई जा रही है , उन्हें ऋण भी दिया जा रहा है। जिससे वह अपना रोजगार करकेआत्मनिर्भर हो सके, और अन्य लोगों को भी रोजगार मुहैया कराते हुए आत्मनिर्भर बनाएं।

क्षेत्र में औद्योगिक विकास दर बढ़ी है

जिलाधिकारी आंध्रा वामसी ने कहा कि बुंदेलखंड में निर्यात की अनेकों संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा यह क्षेत्र कृषि प्रधान क्षेत्र है,यदि कृषि आधारित उत्पाद को प्रोसेसिंग और पैकेजिंग कर निर्यात किया जाए तो क्षेत्र के किसानों के लिए बहुत लाभदायक होगा। उन्होंने बताया कि अब बुंदेलखंड बदल रहा है बुंदेलखंड एक मार्केट हब के रूप में उभर रहा है, यहां राजस्व में भी पिछले वर्ष से इस वर्ष लक्ष्य भी बढ़ाया गया है जो यह बताता है कि क्षेत्र में औद्योगिक विकास दर बढ़ी है।

एक्सपोर्ट कॉन्क्लेव में दी गई टेक्निकल जानकारी

एक्सपोर्ट कॉन्क्लेव में अरविंद कुमार सक्सेना डिप्टी कमिश्नर ने जीएसटी के संबंध में बताया कि आयात करने वाले उद्यमी को जीएसटी पंजीयन लेना अनिवार्य है। प्रत्येक निर्यातक को पंजीकरण कराना होगा प्रत्येक निर्यातक पर वस्तु/सेवाके लिए संबंधित आईटीसी रिफंड भी की भी जानकारी उन्होंने दी। उन्होंने बताया रिफंड की सभी प्रक्रिया ऑनलाइन है। कार्यक्रम में उपस्थित उद्यमियों से उन्होंने कहा कि निर्यात के संबंध में कोई भी समस्या यदि हो तो आप व्यापार कर कार्यालय आकर संपर्क करते हुए निस्तारण कर सकते हैं।कार्यक्रम के टेक्निकल सेशन में बुंदेलखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स के धीरज खुल्लर ने बताया कि बुंदेलखंड में यदि कृषि आधारित उत्पादों को एक्सपोर्ट किया जाए तो यहां से किसानों को लाभ होगा उन्होंने बताया कि क्षेत्र में मटर, टमाटर, मूंगफली, अदरक, हल्दी एक पहचान बन चुकी है इसका मुख्य कारण जैविक खेती है यदि इन उत्पादों को प्रोसेसिंग और पैकेजिंग करते हुए निर्यात किया जाए तो एक किसानों और उद्यमियों के लिए लाभदायक होगा उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हमारा यह क्षेत्र एक निर्यात हब के रूप में उभर कर आएगा एवं विश्व में अपनी एक अलग पहचान बनाएगा। इस अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय सभागार प्रांगण में ऑर्गेनिक वैलनेस निर्यातक ग्राम पवई द्वारा उत्पादों की स्टाल लगाई गई, इसके साथ ही साथ ओडीओपी अंतर्गत सॉफ्ट टॉयज की भी प्रदर्शनी लगाई गई।

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