झांसी...मंडी शुल्क के विरोध में बंद रही सभी मंडिया:जिलाध्यक्ष बोले- जीएसटी एक देश, एक टैक्स का नारा था, अब डेढ़ प्रतिशत मंडी शुल्क क्यों

झांसी16 दिन पहले
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मंडी शुल्क के विरोध में बंद पड़ी भाेजला मंडी। - Dainik Bhaskar
मंडी शुल्क के विरोध में बंद पड़ी भाेजला मंडी।

झांसी में शुक्रवार को मंडी शुल्क के विरोध में सभी 6 गल्ला मंडियां बंद रही। उप्र उद्योग व्यापार मंडल के आह्वान पर हुई हड़ताल के चलते व्यापारी सुबह से ही मंडी नहीं गए। मंडल के जिलाध्यक्ष उमेश गुप्ता ने कहा कि जीएसटी के बाद सरकार ने कहा था कि एक देश, एक टैक्स। डेढ़ साल से मंडी शुल्क नहीं लग रहा था। अब 3 कृषि कानून बिल रद होने के बाद फिर से डेढ़ प्रतिशत मंडी शुल्क लिया जा रहा है। जिसका व्यापारी विरोध कर रहे हैं।
6 मंडियों में नहीं हुआ काम

मंडी शुल्क के विरोध में बंद पड़ी चिरगांव की गल्ला मंडी।
मंडी शुल्क के विरोध में बंद पड़ी चिरगांव की गल्ला मंडी।

जिलाध्यक्ष ने बताया कि विरोध के चलते भोजला, मऊरानीपुर, गुरसराय, चिरगांव, मोंठ व समथर गल्ला मंडी पूर्ण रूप से बंद रही। सभी मंडियों में व्यापारियों ने कोई लेन-देन नहीं किया। अगर मंडी शुल्क लेने का फैसला वापस नहीं लगाया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश गुप्ता ने कहा कि केन्द्र सरकार अपनी बात पर मुकर रही है। जीएसटी लागू होने से पहले व्यापारियों से वादा किया था कि व्यापारियों को इससे लाभ मिलेगा। लेकिन व्यापारियों को कोई लाभ नही मिला।
इसलिए हो रहा है विरोध
जिलाध्यक्ष के अनुसार डेढ़ रुपए मंडी शुल्क का मतलब है कि हर 100 रुपए के माल बेचने पर डेढ़ रुपए सरकार को टैक्स देना होगा। जब जीएसटी दे रहे हैं तो इस शुल्क का कोई मतलब नहीं रह जाता। झांसी गल्ला मण्डी अध्यक्ष अतीत राय, मऊरानीपुर गल्ला मण्डी अध्यक्ष जयप्रकाश साहू, गुरसराय गल्ला मण्डी अध्यक्ष विनोद व्यास, चिरगांव गल्ला मण्डी अध्यक्ष अरविंद गुप्ता, मोठ गल्ला मण्डी अध्यक्ष अजय मोहन सरावगी, समथर गल्ला मण्डी अध्यक्ष मुरारीलाल गुप्ता ने बंद में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।

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