• Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Jhansi
  • Elder Brother Arrested In Ashoka Murder Case In Jhansi, Illegal Relationship With Sister in law, Wife And Brother in law Were Involved In The Conspiracy And Shot

झांसी...अशोक हत्याकांड में बड़ा भाई गिरफ्तार:भाभी से थे अवैध संबंध, पत्नी व साले को साजिश में शामिल कर मारी थी गोली

झांसी5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
अशोक कुमार निरंजन की गाेली मारकर हत्या करने वाले चचेरे बड़े भाई देवकीनंदन उर्फ बबलू  को उल्दन थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। - Dainik Bhaskar
अशोक कुमार निरंजन की गाेली मारकर हत्या करने वाले चचेरे बड़े भाई देवकीनंदन उर्फ बबलू को उल्दन थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

झांसी में अशोक कुमार निरंजन (36) की गाेली मारकर हत्या करने वाले चचेरे बड़े भाई देवकीनंदन उर्फ बबलू (40) को उल्दन थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। उससे 315 बोर का देसी तमंचा, जिंदा कारतूस और एक चला हुआ कारतूस बरामद हुआ था।

वारदात में शामिल उसकी पत्नी साधना और साला जीतू उर्फ राजवीर फरार हैं। अशोक और साधना के बीच अवैध संबंध थे। वह प्लाट खरीदने औैर कोर्ट मैरिज करने का दबाव बना रही थी। जिसकी जानकारी पति को लग गई। तब तीनों ने मिलकर साजिश रचकर अशोक का मर्डर कर दिया।

मृतक अशोक कुमार निरंजन का फाइल फोटो।
मृतक अशोक कुमार निरंजन का फाइल फोटो।

कार लेकर मौके पर पहुंच गया था साला
अशोक मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के गांव सतवारा का रहने वाला था। उसकी पत्नी द्रौपदी करीब 3 साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद उसके चचेरे भाभी साधना से अवैध संबंध हो गए। 1 दिसंबर को अशोक की बुआ की देवरानी के बेटे की शादी में मऊरानीपुर आया था। इस शादी में देवकीनंदन व उसकी पत्नी भी आई थी।

देर रात 2 बजे देवकीनंदन शराब खरीदने के बहाने अशोक को जयंती पैसेल से सत्यम ढाबा के पास ले गया। वहां पेशाब करने के बहाने बाइक रोक ली। तब तक कार लेकर जीतू भी पहुंच गया। दोनों ने मिलकर सिर में गोली मारकर अशोक की हत्या कर दी थी।
आरोपी भाई-बहन फरार

वारदात में शामिल साधना और उसका भाई टोड़ी फतेहपुर थाना क्षेत्र के गांव महेवा निवासी राजवीर पुत्र पृथ्वीराज फरार है। पुलिस दोनों की तलाश में छापेमारी कर रही है। हत्या के बाद आरोपी देवकीनंदन लौटकर शादी में गया। अगले दिन पुलिस को शव मिला। 3 दिसंबर को देवकीनंदन ने ही परिजनों को बताया कि एक शव उल्दन थाना एरिया में मिला है। परिजन गए तो शव अशोक का ही निकला। 4 दिसंबर काे पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि हुई। तब तक देवकीनंदन परिजनों के साथ ही घूम रहा था। किसी को उसके ऊपर शक नहीं था। जब पुलिस ने विवाह घर के सीसीटीवी कैमरे देखे तो उसमें अशोक व देवकीनंदन बाइक पर साथ में जा रहे है, लेकिन लौटते वक्त देवकीनंदन अकेला था। उसने अशोक की बाइक विवाह घर के सामने खड़ी नहीं की, जबकि बचने के लिए थोड़ी दूर खड़ी की थी। इसी फुटेज से शक होने पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।