झांसी वन विभाग: तेंदुआ नहीं लकड़बग्घा ने किया था हमला:खेत में कई जगह पदचिन्ह मिले, जो लकड़बग्घा से मिलते हैं

झांसी2 महीने पहले
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झांसी के पसैया गांव में रमेशचंद दुबे (61) और उनके मजदूर महेंद्र जाटव (30) पर हमला करने वाले खूंखार जानवर का सुराग दूसरे दिन सोमवार को भी नहीं लग पाया। लेकिन वन विभाग ने दावा किया है कि दोनों पर हमला करने वाला तेंदुआ नहीं, बल्कि लकड़बग्घा था। लेकिन दो दिन से किसी ने लकड़बग्धा को भी नहीं देखा। उसे पकड़ने के लिए खेत में पिंजरा रखा गया है।
विभाग के प्रभागीय वन अधिकारी वीके मिश्र ने बताया कि तेंदुआ के हमला करने की सूचना पर टीम के साथ मौके पर गया था। सभी रेंजरों को बुलाकर सर्च अभियान चलाया गया। घटनास्थल के आसपास खेतों में पदचिन्ह मिले हैं, जो लकड़बग्घा से मिलते हैं। हमने आसपास के लोगों के लोगों को भी सतर्क कर दिया है। वन विभाग की टीम उसकी तलाश में जुटी हैं।
4 गांवों के लोगों में दहशत
पसैया गांव के जीतू ने बताया कि दो लोगों के ऊपर हमला करने के बाद आसपास के पसैया, बकवा, छापार और पुलगाना में दहशत का माहौल है। जिस जगह हमला हुआ, उसके आसपास 4 गांवों के लोगों के खेत है। अभी कुछ लोगों की धान की फसल भी खड़ी है। ऐसे में लोग अकेले खेत पर जाने में सहम रहे हैं। दिन में लोग झुंड में खेत पर जा रहे हैं और सुरक्षा के लिए कुल्हाड़ी, डंडे व अन्य हथियार लेकर जा रहे हैं। रात को खेत पर जाना बंद कर दिया है।
घायल इलाज कराकर घर पहुंचे
जानवर के हमले में घायल पसैया गांव निवासी रमेशचंद दुबे (61) और महेंद्र जाटव (30) झांसी मेडिकल कॉलेज में इलाज कराकर घर पहुंच गए है। देानों की स्थिति ठीक है। गौरतलब है कि दोनों और महेंद्र का भाई राजू रविवार सुबह फसल काटने के लिए गए थे। वहां फसल में छुपकर खूंखार जानवर बैठा था। उसने रमेशचंद व महेंद्र पर हमला कर दिया था। हंसिया मारने पर जानवर भागा था।