झांसी / भूखे पेट फसल काट रहे किसान को कमिश्नर ने खाने के लिए दिए बिस्किट, मना किया तो बोले- आपने तो हमें मट्ठा पिलाया नहीं?

लॉकडाउन के चलते किसानों को गेहूं की फसल काटने के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में पूरा परिवार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए खेत में खड़ी फसल को काटा जा रहा है। लॉकडाउन के चलते किसानों को गेहूं की फसल काटने के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में पूरा परिवार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए खेत में खड़ी फसल को काटा जा रहा है।
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लॉकडाउन के चलते किसानों को गेहूं की फसल काटने के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में पूरा परिवार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए खेत में खड़ी फसल को काटा जा रहा है।लॉकडाउन के चलते किसानों को गेहूं की फसल काटने के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में पूरा परिवार सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए खेत में खड़ी फसल को काटा जा रहा है।

  • झांसी मंडल के कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा ने खेतों में पहुंचकर किसानों से की बात
  • किसानों ने सुनाई आपबीती, बोले- नहीं मिल रहे मजदूर व मशीन, इसलिए खुद काटनी पड़ रही फसल

दैनिक भास्कर

Apr 07, 2020, 02:49 PM IST

झांसी. वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए देश में 21 दिन का लॉकडाउन चल रहा है। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी उन किसानों को आई, जिनके खेतों में फसलें खड़ी हैं। समय से हार्वेस्टर मशीन न मिलने की वजह से उन्हें खुद अपनी फसल काटनी पड़ रही है। मंगलवार को कमिश्नर सुभाष चंद शर्मा किसानों के बीच खेतों में पहुंचे। किसानों ने अपनी आपबीती सुनाई तो उन्होंने तुरंत गाड़ी से बिस्किट के पैकेट मंगा कर दिए। लेकिन किसान की पत्नी ने राहत लेने से इंकार कर दिया। यह देख सरल अंदाज में कमिश्नर बोले कि, रख लीजिए आपने तो हमें मट्ठा पिलाया नहीं? 

दरअसल, लॉकडाउन के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सदर तहसील के कोट बेहटा गांव के एक खेत में कुछ किसान फसल काट रहे थे। उनके बीच अचानक झांसी मंडल के कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा पहुंच गए। उन्होंने एक किसान से अपने सादगी भरे अंदाज में पूछा कि आप बगैर मजदूर के खेत काट रहे हैं? किसान ने उनके सवाल का जवाब देते हुए कहा कि साहब मजदूर नहीं मिल रहे हैं। यदि काटेंगे नहीं तो फसल बर्बाद हो जाएगी। 

थोड़ी देर तक बातचीत करने के बाद कमिश्नर ने पूछा आपने दोपहर का खाना खाया? किसान का जवाब था कि अभी सुबह का खाना ही नहीं खाया। फिर कमिश्नर ने अपनी गाड़ी से निकाल कर उसको बिस्किट के पैकेट और लंच का पैकेट दिया। हालांकि किसान की पत्नी लेने से मना कर रही थी। किसान की पत्नी ने कहा कि किसी और को दे देना। लेकिन कमिश्नर ने उन्हें जबरन दे दिया। कमिश्नर ने उनसे कहा कि क्या आप कमिश्नर को जानते हो? इस बात का उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। 

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