झांसी पुलिस ने ठगे गए 5.48 लाख पीड़ित को लौटाए:नौकरी लगवाने के नाम पर ठगा था, 25 दिन बाद वापस मिली राशि

झांसी10 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
ठगी की पूरी राशि मिलने के बाद डीआईजी जोगेंद्र कुमार से मिलकर आभार प्रकट करता पीड़ित प्रशांत देसाई। - Dainik Bhaskar
ठगी की पूरी राशि मिलने के बाद डीआईजी जोगेंद्र कुमार से मिलकर आभार प्रकट करता पीड़ित प्रशांत देसाई।

झांसी साइबर क्राइम थाना पुलिस के बेहतरीन कार्य से एक व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। काेराेना ने पिता को छीन लिया। इससे उभर नहीं पाए कि साइबर ठगों ने नौकरी लगवाने के नाम पर उससे 5.48 लाख रुपए की ठगी कर ली थी।

पीड़ित ने साइबर थाना में फोन लगाकर शिकायत की। इसके बाद हरकत आई पुलिस ने मात्र 25 दिन में ठगी की सारी राशि खाते में वापस करा दी। बुधवार को पीड़ित ने झांसी डीआईजी जोगेंद्र कुमार से मिलकर पुलिस के काम की सराहना की और धन्यवाद पत्र भी सौंपा।

देवास में रहता है पीड़ित
गुजरात के प्रशांत देसाई फिलहाल देवास की एबी रोड पर सनसिटी में रहते हैं। उन्होंने बताया कि एक जॉब पोर्टल की मेंबरशिप ली थी। काेराेना की दूसरी लहर में पूरे परिवार काे काेराेना हाे गया। 27 जुलाई को पिता की मौत हो गई। 29 अक्टूबर को जॉब पोर्टल की तरफ से फोन आया और जॉब लगवाने की बात हुई।

फीस के 10 रुपए जमा करने के लिए एक लिंक भेजा। जिसमें सामान्य जानकारी के अलावा खाते की जानकारी भरवा ली। फिर साइबर ठगों ने नेट बैंकिंग की मदद से खाते से 5 लाख 48 हजार रुपए निकाल लिए। फिलहाल प्रशांत एक निजी कंपनी में सुपरविजन मैनेजर हैं।
फोन किया तो झांसी लगा
पीड़ित ने बताया कि ठगी के बाद रुपए कटने के मैसेज आए तो उसने तुरंत नंबर निकालकर फोन किया। तब झांसी साइबर थाना में कॉल लगा। पुलिस ने जानकारी लेकर उसकी मदद की। डीआईजी जोगेंद्र कुमार ने बताया कि साइबर क्राइम थाना के प्रभारी शिवशंकर त्रिपाठी ने अपनी टीम के साथ तकनीकी संसाधनों का प्रयोग करते हुए ठगे गए 5.48 लाख रुपए पीड़ित के खाते में जमा कराए हैं। रुपए वापस मिलने के बाद पीड़ित की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। वह झांसी पहुंचा और पुलिस काे धन्यवाद दिया।