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  • Success Story Of Kriti Raj's 106th Rank In UPSC : Kriti Raj Of Jhansi Had Prepared For The Exam By Self Study, Due To Curfew In The Mains Exam, Reached The Center Only 10 Minutes Before The Start Of The Paper Through The Streets.

झांसी...UPSC में कृति राज की 106वीं रैंक की कामयाब कहानी:एग्जाम की तैयारी सेल्फ स्टडी से की, इंटरव्यू के समय उनके इस जवाब पर बोर्ड के सभी मेंबर हंसने लगे थे, बोलीं- पूछे गए थे फॉर्मल सवाल

झांसी4 महीने पहले
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कृति राज ने अपनी बेसिक मजबूत करने के लिए अच्छी किताबें पढ़ें। बताया कि स्टैंडर्ड बुक्स को पढ़ने में थोड़ा वक्त लगता है, लेकिन रिजल्ट अच्छा आता है। - Dainik Bhaskar
कृति राज ने अपनी बेसिक मजबूत करने के लिए अच्छी किताबें पढ़ें। बताया कि स्टैंडर्ड बुक्स को पढ़ने में थोड़ा वक्त लगता है, लेकिन रिजल्ट अच्छा आता है।

UPSC-2020 की परीक्षा में 106वीं रैंक हासिल करने वाली कृति राज ने झांसी का और अपने परिवार का मान बढ़ाया है। कृति ने अपनी तैयारी सेल्फ स्टडी से की थी। कृति कहती हैं कि मेरा इंटरव्यू सबसे लास्ट में हुआ था। बोर्ड ने सवाल बिल्कुल फॉर्मल ही पूछे, बोर्ड के पांच लोगों ने लगभग पांच-पांच मिनिट सवाल पूंछे। सवाल ऐसे थे, जो मेरी फिल्ड और मेरे एनजीओ से जुड़े थे। मेंस एग्जाम में कर्फ्यू के कारण गलियों से होते हुए, पेपर शुरू होने से सिर्फ 10 मिनिट पहले ही सेंटर पहुंची थी। कृति से सफलता की खास बातचीत।

सिविल सर्विसेज को ही क्यों चुना

झांसी के सेंट फ्रांसिस कान्वेंट स्कूल से मेरी स्कूल इन स्टार्ट हुई फिर 12वीं जय एकेडमी से किया। इसके बाद कंप्यूटर साइंस से मैंने बीआईईटी झांसी से बीटेक किया था। जब मैंने बीटेक में एडमिशन लिया, तो सोच लिया था कि इसके बाद मुझे जॉब नहीं करनी कुछ अलग करना है, कुछ पढ़ना है, मुझे जमीनी स्तर से कुछ काम करना है फिर मैंने एक कल्पवृक्ष वेलफेयर फाउंडेशन एनजीओ स्टार्ट किया। हम इसमें वूमेन चाइल्ड वेलफेयर के संबंध में काम करते हैं, इस काम को करते-करते मुझे लगा कि मुझे सिविल सर्विसेज में जाना चाहिए। जहां मेरा उद्देश्य पूरा होगा।

कर्फ्यू के समय बचते हुए पहुंचीं सेंटर तक, आज भी जिंदा है मानवता

कृति राज बतातीं हैं कि जब मेरा मेंस का लास्ट एक्जाम था तो भोपाल में कर्फ्यू था में जिस होटल में थी वहां के स्टाफ ने बचते बचाते एग्जाम शुरू होने से 10 मिनिट पहले सेंटर तक पहुंचने में मदद की थी। उस इसीडेंट को नहीं भूल सकती, ऐसा एक वक्या उस समय का है। जब सेकेंड वेब में मेरे पापा को कोविड हुआ था उनकी हालत सीरियस थी और जिला अस्पताल में एडमिट थे मैं उनके साथ अकेली थी, जमीन पर ही सोती थी, वहां और भी लोग एडमिट थे उनके भी घर का कोई न कोई साथ होता था। जब भी मैं जाती थी तो सब एक साथ आ जाते थे मदद के लिए, मानवता के इस उद्धरण को देखकर लगता है आज भी लोगो में मानवता हैं।

इंटरव्यू में पूछा गया …

किसी ने बताया की जब मैं चार 4:30 बजे इंटरव्यू के लिए अंदर पहुंची तो सबसे पहले उन्होंने पूछा कि आपको काफी समय हो गया। इंतजार करते लंच किया, तो मैंने कहा नहीं सर मैं सुबह जल्दी आ गई थी तो ब्रेक फास्ट करके आई हूं । यह सुनकर सभी बोर्ड मेंबर हंसने लगे और माहौल काफी फ्रेंडली हो गया था। इसके बाद मुझसे मेरे बारे में और मेरे एप्लीकेशन में भरी डिटेल से संबंधित ही प्रश्न पूछें, पहला सवाल यही था कि आपने ग्रेजुएशन के बाद क्या किया, फिर पूछा कि एनजीओ में आप किस सेक्टर में काम करते हैं, और क्यों स्टार्ट किया था और अपनी सर्विस में उस एनजीओ में किए काम से कैसे हेल्प ले सकती हो, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांटेशन राइट्स और मेरी अभी पब्लिक स्पीकिंग के बारे में पूछा, आप कहां पब्लिक स्पीकिंग करती, क्लाइमेट चेंज के बारे में बड़ी बातें होती हैं, मगर इसको ग्राउंड लेवल कैसे काम कर सकते हैं इस तरह की नार्मल से सवालों के साथ लगभग 25 मिनट का इंटरव्यू हुआ था

ऐसे की पढ़ाई

अपनी बेसिक मजबूत करने के लिए अच्छी किताबें पढ़ें। स्टैंडर्ड बुक्स को पढ़ने में थोड़ा वक्त लगता है, लेकिन रिजल्ट अच्छा आता है। जुलाई-2019 में UPSC की पढ़ाई शुरू की। शुरुआती 8-9 महीने तक रोज 8 से 10 घंटे पढ़ाई की। इसके बाद पढ़ाई तेज कर दी। बीच में कोरोना आया तो स्ट्रैटजी चेंज की। करंट अफेयर्स की ओर ज्यादा फोकस किया

इंटरव्यू से जुड़ी अन्य बातें तो पता होनी चाहिये ...

  • अपनी फिल्ड से सम्बन्धित सभी जानकारी होनी चाहिए।
  • शहर, राज्य और देश के बारे में बहुत सारी जानकारी रखें।
  • शहर या प्रदेश में क्या खास है, यह पता रहना चाहिए।
  • पुरानी क्लास के सब्जेक्ट्स के बारे में भी जानकारी रखें।
  • करंट अफेयर्स हमेशा याद रहना चाहिए।
  • अपनी हॉबीज, माता-पिता के बैकग्राउंड के बारे में जानकारी होना चाहिए।
अपने पापा राजेंद्र कुमार के साथ कृति राज
अपने पापा राजेंद्र कुमार के साथ कृति राज

भाई ने बताया था रिजल्ट आ गया है ,खुशी इतनी कि रातभर नींद नहीं आई थी , अगले दिन सुबह से बधाइयों का तांता लगा

कृति ने बताया कि यूपीएससी एग्जाम इंटरव्यू से हटकर मैं रिलैक्स कर रही थी, भाई कुशाग्र राज आयरलैंड में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है उस समय ऑनलाइन उसी से बात हो रही थी जब उसने रिजल्ट आने की पहली सूचना दी थी, पहली बार तो विश्वास ही नहीं हुआ , घर के लोग तो खुशी में रोने ही लगे थे। कृति के UPSC क्लियर करने की खुशी में कृति और उनके पिता राजेंद्र कुमार और माँ सरोज गौर उस रात नहीं सो पाए। सर्व नगर स्थित घर पर लगातार लोगों का बधाईयां देने के लिए तांता लगा था। परिजनों से लेकर परिचित तक घर पहुंचे और मुंह मीठा करा रहे है।

परिजनों से लेकर परिचित तक घर पहुंच कर दे रहे बधाई
परिजनों से लेकर परिचित तक घर पहुंच कर दे रहे बधाई
अपने भाई कुशाग्र राज साथ कृति की बचपन की फोटो
अपने भाई कुशाग्र राज साथ कृति की बचपन की फोटो
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