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महोबा में मानवता शर्मसार:दिल्ली से लौटा व्यक्ति तो परिवार ने घर में घुसने नहीं दिया, अस्पताल में मौत; पुलिस ने कचरा गाड़ी से पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव

महोबा23 दिन पहले
नगर पंचायत खरेला की कचरा गाड़ी शव लादते पुलिसकर्मी।

उत्तर प्रदेश के महोबा में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति की मौत के बाद उसके शव को पुलिसकर्मियों ने नगर पंचायत की कचरा गाड़ी में रखकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। बाद में उसी गाड़ी से बेटा शव अंतिम संस्कार के लिए ले गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुलिसकर्मी शव को उछालकर कचरा गाड़ी में लादने वाले थे, लेकिन उस वक्त वहां खड़े एक दरोगा ने टोका तो एक शख्स को गाड़ी पर चढ़ाकर सहारे से शव ऊपर पहुंचाया। पुलिस ने नगर पंचायत के सहयोग से अंतिम संस्कार कराया है। फिलहाल अभी कोई जिम्मेदार इस मसले पर बोलने को तैयार नहीं है।

दिल्ली से लौटा था बुजुर्ग, परिवार से मिली दुत्कार
दरअसल, कस्बा खरेला के मोहल्ला स्वामीदास निवासी रामकरन कुश्वाहा (48 साल) अपने इकलौते बेटे के साथ दिल्ली में रहते थे। 16 साल पहले उनकी पत्नी की मौत हो चुकी है। बीते शुक्रवार को वे अपने बेटे के साथ वापस घर लौटे। उस वक्त उन्हें खांसी आ रही थी। इस पर परिवार ने उन्हें घर में घुसने नहीं दिया। इस बीच उनकी हालत बिगड़ गई। शुक्रवार को बेटा दीपक उन्हें लेकर जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया।

पंचायतनामा के वक्त सिर्फ बेटा मौजूद रहा। कोई भी परिवार का सदस्य मौके पर नहीं पहुंचा।
पंचायतनामा के वक्त सिर्फ बेटा मौजूद रहा। कोई भी परिवार का सदस्य मौके पर नहीं पहुंचा।

नगर पंचायत ने अंतिम संस्कार में किया सहयोग
शनिवार को पंचायतनामा के लिए एक सब इंस्पेक्टर और दो सिपाही जिला अस्पताल पहुंचे। लेकिन परिजन लापता थे। पुलिस ने परिवार से संपर्क किया तो उन्होंने शव लेने से इंकार कर दिया। कई बार समझाने के बाद पुलिस ने बेटे दीपक से गाड़ी लेकर आने को कहा। इस पर दीपक नगर पंचायत खरेला की कचरा गाड़ी लेकर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा। उसी गाड़ी में पिता के शव को पोस्टमार्टम के लिए और बाद में घर ले गया। जहां बेटे ने नगर पंचायत के सहयोग से अंतिम संस्कार किया।

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