मोबाइल का लॉक नहीं खोल पाए झांसी के हैकर्स:युवा कारोबारी हत्याकांड में दो मोबाइल में छुपे हैं कई राज, अब दिल्ली से बुलाएंगे एक्सपर्ट

झांसी8 महीने पहले
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मृतक युवा कारोबारी कमलेश यादव - Dainik Bhaskar
मृतक युवा कारोबारी कमलेश यादव

झांसी में युवा कारोबारी कमलेश यादव (31) की गोली मारकर हत्या की गुत्थी सुलझाने की बजाय उलझती हुई नजर आ रही है। हत्याकांड के 5 दिन बीतने के बाद भी पुलिस हत्यारों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पुलिस को उम्मीद थी कि सीडीआर की मदद से वे हत्यारों तक पहुंच जाएंगे, लेकिन अब तक के सीडीआर एनालिसिस से पुलिस को कोई ठोस सबूत नहीं मिले।

ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि आरोपी सीधे कॉल करने की बजाय कालिंग एप के जरिए कमलेश से बातचीत करते थे। पुलिस ने कमलेश के दो मोबाइल बरामद कर हैकर्स से लॉक खुलवाने की कोशिश की। तब झांसी के बड़े-बड़े हैकर्स कमलेश यादव के दोनों मोबाइल के लॉक नहीं खोल पाए। कमलेश के दोनों मोबाइल नामी कंपनी के हैं और उनकी कीमत एक लाख से ज्यादा है। अब पुलिस दिल्ली के एक्सपर्ट से संपर्क साध रही है। अब दिल्ली के एक्सपर्ट आकर मोबाइल का लॉक खोलेंगे।
मोबाइल का लॉक खुलने से मिलेंगे कई सुराग

युवा कारोबारी कमलेश यादव अपने साथ बॉडीगार्ड रखता था। हत्या वाले दिन सभी छुट्‌टी पर थे।
युवा कारोबारी कमलेश यादव अपने साथ बॉडीगार्ड रखता था। हत्या वाले दिन सभी छुट्‌टी पर थे।

पुलिस का कहना है कि कमलेश यादव के दोनों मोबाइल के लॉक खुलने से कई सुराग मिलेंगे। वह वाट्सएप, इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया पर किन लोगों से बात करता था। उनकी चेटिंग के साथ पुरानी कॉल हिस्ट्री मिल जाएगी। इसके अलावा यह भी पता चल जाएगा कि वह कॉलिंग के लिए किन एप का इस्तेमाल करता था। इसके बाद पुलिस उन एंगल पर काम कर सकेगी।

गांव के कई नजदीकी और दोस्त फरार
कमलेश की हत्या के बाद झांसी के कई एक्सपर्ट पुलिस अफसरों को केस की जिम्मेदारी सौंपी गई, लेकिन अब तक उनके हाथ खाली हैं। शुरुआत में सामने आया था कि कमलेश की हत्या लेनदेन विवाद के चलते हो सकती है। पुलिस अब तक 22 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। पुलिस की दबिश के चलते कमलेश के गांव के कई नजदीकी व दोस्त फरार हो गए। अब वे पुलिस के डर के कारण भागे हैं या हत्याकांड में उनका हाथ है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।

रातों रात दूधिया से बन गया था करोड़पति
एमपी के दतिया जिले के कमरोली गांव निवासी कमलेश यादव (31) पुत्र शोभाराम यादव अपने परिवार के साथ दूध का काम करता था। कुछ साल पहले तक वह दूध लेकर झांसी आता था। इसके बाद उसने बिजनेस में कदम रखा। देखते ही देखते वह कुछ सालों में करोड़पति बन गया।

अब उसने झांसी के रक्सा थाना क्षेत्र के सिजवाहा गांव में करौंदी माता के मंदिर के पीछे एक करोड़ रुपए का आलीशान मकान खरीदा था। इसके अलावा ग्वालियर के पास क्रेशर प्लांट लगाया है। साथ ही कुछ समय पहले पार्टनरी में झांसी के आवास विकास में जिम खोला था। उसके पास थार जीप समेत अन्य गाड़ियां भी थी।