डर गए सांसद महोदय!:पहले झांसी स्टेशन का नाम बदलवाने का श्रेय लेने वाले सांसद बोले- क्लर्क की गलती से हटा नाम

झांसीएक वर्ष पहले

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले स्टेशन से झांसी का नाम हटने पर सांसद अनुराग शर्मा ने अपना पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने गलती का ठीकरा क्लर्क पर फोड़ दिया। सांसद ने कहा कि झांसी में हुई सांसदों की मीटिंग में रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर रेलवे स्टेशन करने का प्रस्ताव पास हुआ था, न कि झांसी शब्द हटाने पर। इसके मीटिंग मिनट्स आज भी डीआरएम ऑफिस में रखे हैं।

उन्होंने कहा, 'क्लर्क की गलती की वजह से अनर्थ हुआ है। अब गलती ठीक कराने के लिए पत्र लिखा है। गौरतलब है कि झांसी स्टेशन का नाम वीरांगना लक्ष्मीबाई होने पर सांसद ने प्रेसनोट जारी कर नाम बदलवाने का श्रेय लिया था। कहा था कि उनके पत्र लिखने के बाद नाम बदला है। सरकार का आभार भी जताया था'।

स्थानीय प्रशासन से गलती से नाम ड्रॉप हुआ
झांसी-ललितपुर सांसद अनुराग शर्मा ने कहा कि 19 सितंबर 2019 को झांसी मंडल में उत्तर मध्य रेल के सेवित क्षेत्र के संसद सदस्यों के साथ मीटिंग हुई। इसमें सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित हुआ था कि झांसी स्टेशन का नाम महारानी लक्ष्मीबाई के नाम पर होना चाहिए। इसके बाद स्थानीय प्रशासन से पत्र भेजा गया, जिसमें क्लर्क की गलती हो गई और झांसी नाम रह गया।
पत्र भेजा, लेकिन प्रोसेस लंबा

सांसद ने रेल मंत्री और सीएम योगी को पत्र लिखकर स्टेशन में झांसी का नाम जोड़ने की मांग की है।
सांसद ने रेल मंत्री और सीएम योगी को पत्र लिखकर स्टेशन में झांसी का नाम जोड़ने की मांग की है।

सांसद ने कहा कि गलती को ठीक कराने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री और रेल मंत्री को पत्र लिखा है। स्टेशन का नाम वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी करने की मांग की गई है। मामले में उन्होंने रेल मंत्री से बात भी की है। उन्होंने कहा कि नामकरण का प्रॉसेस लंबा होता, लेकिन वे पूरी कोशिश कर रहे हैं कि स्टेशन में जल्दी झांसी जुड़ जाए।
नाम हटने का हो रहा था विरोध

सदर विधायक रवि शर्मा ने सबसे पहले रेल मंत्री को पत्र लिखकर झांसी जोड़ने की मांग की थी।
सदर विधायक रवि शर्मा ने सबसे पहले रेल मंत्री को पत्र लिखकर झांसी जोड़ने की मांग की थी।

28 दिसम्बर 2021 को उत्तर प्रदेश शासन प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण ने झांसी रेलवे स्टेशन का नाम वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन करने की अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद स्टेशन से झांसी शब्द हटने पर विरोध शुरू हो गया था। नाम जोड़ने के लिए व्यापारी संगठन ने हस्ताक्षर शुरू कर दिया।

कांग्रेस ने स्टेशन पर जाकर शिलापट्‌ट पर झांसी लिखा और फिर सर्वदलीय बैठक कर रणनीति बनाई। इसके अलावा अन्य लोगों ने भी विरोध किया। सबसे पहले सदर विधायक रवि शर्मा ने रेल मंत्री को पत्र लिखकर झांसी जोड़ने की मांग की थी।

बुंदेलखंड की 19 सीटों पर डैमेज कंट्रोल करने का प्रयास
बुंदेलखंड के 7 जिलों (झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, बांदा, कर्बी (चित्रकूट) और महोबा) में विधानसभा की 19 सीटें आती हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में सभी 19 सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी। झांसी स्टेशन का नाम बदलने के भाजपा सरकार के इस फैसले को चुनाव से जोड़कर देख रही थी।

खबरें और भी हैं...