उल्टा न पड़ जाए झांसी स्टेशन का नाम बदलना:विरोध तेज हुआ, वीरांगना लक्ष्मीबाई नाम के साथ झांसी जोड़ने के लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू

झांसी6 महीने पहले
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नाम बदलने पर रेलवे स्टेशन पर झांसी नाम हटाकर वीरांगना लक्ष्मीबाई लिखा गया। - Dainik Bhaskar
नाम बदलने पर रेलवे स्टेशन पर झांसी नाम हटाकर वीरांगना लक्ष्मीबाई लिखा गया।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले झांसी स्टेशन का नाम बदलकर वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन करना भाजपा के लिए चुनाव में मुश्किलें पैदा कर सकता है। बुंदेलखंड की सभी 19 सीटों पर अभी भाजपा का कब्जा है, लेकिन स्टेशन से झांसी शब्द हटने पर विरोध तेज हो गया।

लोगों का कहना है कि स्टेशन का नाम महारानी के नाम पर करने का फैसला बहुत अच्छा है। लेकिन जिस झांसी के लिए रानी ने अंग्रेजों के दांत खट्‌टे कर दिए, उस झांसी का नाम स्टेशन से हटाना गलत है। शनिवार को वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन में झांसी शब्द जोड़ने के लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू हो गया। इससे पहले शुक्रवार को एक व्यापारी संगठन ने गृहमंत्री के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा था।
इलाइट चौराहे से शुरू हुआ हस्ताक्षर अभियान

वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन में झांसी का नाम जोड़ने के लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया।
वीरांगना लक्ष्मीबाई रेलवे स्टेशन में झांसी का नाम जोड़ने के लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया।

झांसी व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश महानगर शाखा की ओर से शुरू हुए हस्ताक्षर अभियान में हजारों लोगों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है। मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष संतोष साहू ने कहा कि झांसी रेलवे स्टेशन का नाम केवल वीरांगना लक्ष्मीबाई करने पर जनता में अत्यधिक रोष है। झांसी का नाम जोड़ने के समर्थन में शनिवार को इलाइट चौराहा पर हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ किया गया। पहले दिन 2146 लोगों ने हस्ताक्षर किए। जब तक स्टेशन में झांसी नाम नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक अभियान चलेगा। संगठन के लोग अलग-अलग हिस्सों में जाकर लोगों को इस अभियान से जोड़ेंगे। हर 5 हजार हस्ताक्षर पर सांसद को सौंपे जाएंगे।
स्वाभिमान से छेड़छाड़
वरिष्ठ व्यापारी नेता राजीव राय ने कहा की महारानी लक्ष्मीबाई ने कहा था कि "मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी " उन्होंने अपने प्राण न्योछावर कर दिए, पर झांसी पर आंच नहीं आने दी और आज आजाद भारत में अपनों ने ही हमारी झांसी को हमसे छीन लिया। प्रांतीय कोषाध्यक्ष चौधरी फिरोज ने कहा कि यह झांसी के मान सम्मान स्वाभिमान के साथ छेड़छाड़ है। इसे जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।
अभी जारी रहेगा अभियान
महिला व्यापार मंडल की महानगर अध्यक्ष अंजलि दत्ता ने बताया कि अभियान झांसी के विभिन्न क्षेत्रों में जारी रहेगा और इस जन भावना को हस्ताक्षर के रूप में एकत्रित कर गृह मंत्रालय एवं प्रधानमंत्री कार्यालय भेजा जाएगा। इस दौरान प्रकाश गुप्ता, प्रभु दयाल साहू, पीयूष रावत, महेश पमनानी, विवेक जैन, जितेंद्र भदोरिया , नीरज नाहर, विनय सोनकर, गोलू, पूनम दिनकर, सोनिया सचदेवा, पूर्व पार्षद धीरज रायकवार, धर्मेंद्र खटीक, अमन छावड़ा, नागर, अभिषेक साहू, आकाश खटीक नरेंद्र, विनोद कुमार आदि मौजूद रहे।
एक जनवरी को 133 साल का हो जाएगा झांसी स्टेशन
झांसी रेलवे स्टेशन एक जनवरी को 133 साल का हो जाएगा। इसका उद्घाटन एक जनवरी, 1889 को हुआ था। ग्रेट इंडियन पेनिनसुलर रेलवे ने इसको स्थापित किया था। आज यहां से हर दिन 250 से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। अधिसूचना जारी होने के बाद अब रेलवे स्टेशन का कोड भी अब बदल दिया जाएगा।
बुंदेलखंड की सभी 19 विधानसभा सीटों पर है भाजपा का कब्जा
बुंदेलखंड के 7 जिलों (झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, बांदा, कर्बी (चित्रकूट) और महोबा) में विधानसभा की 19 सीटें आती हैं। 2017 के विधानसभा चुनाव में सभी 19 सीटों पर भाजपा उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की थी। झांसी स्टेशन का नाम बदलने के भाजपा सरकार के इस फैसले को चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। नाम बदलकर भाजपा की बुंदेलखंड की 19 सीटों को फिर से साधने की कोशिश है। लेकिन विरोध शुरू होने से भाजपा को नुकसान भी हो सकता है।