साइबर कैफे से ई-टिकटों की कालाबाजारी:दतिया में आईआरसीटीसी एजेंट के कैफे में छापेमारी, पर्सनल आईडी पर बनाता था  रेल टिकट बरामद झांसी क्राइम ब्रांच ने छापा मार किया गिरफ्तार

झांसीएक महीने पहले
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आरपीएफ की ओर से टिकट के अवैध धंधे से जुड़े लोगों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है जिससे इन धंधेबाजों में हड़कंप की स्थिति है - Dainik Bhaskar
आरपीएफ की ओर से टिकट के अवैध धंधे से जुड़े लोगों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है जिससे इन धंधेबाजों में हड़कंप की स्थिति है

झाँसी। रेल सुरक्षा बल और आरपीएफ की क्राइम ब्रांच टीम ने दतिया जिले के सेवड़ा कसबे से फर्जी तरीके से रेलवे टिकट बनाने का भांडाफोड़ हुआ हुआ है. आरपीएफ की टीम ने आकाश आनलाइन एण्ड फोटो कॉपी नामक दुकान पर छापेमारी करते हुए ई-टिकट के साथ एक अवैध कारोबारी को गिरफ्तार कर लिया। और यहां फर्जी तरीके से रेलवे टिकट बनाने के काम को भी उजागर किया है. वहीं आरपीएफ ने साइबर कैफे संचालक विश्वजीत साहू को भी गिरफ्तार किया है. रेलवे पुलिस को इनके पास से 66 पर्सनल यूजर आइडियों और ई-टिकट बरामद किए गए है। पकड़ा गया व्यक्ति आईआरसीटीसी का एजेंट भी है

66 पर्सनल यूजर आइडियों से बनाए जा रहे थे टिकट

रेल सुरक्षा बल के महानिरीक्षक रविन्द्र वर्मा के कुशल निर्देशन में आरपीएफ क्राइम ब्रान्च (डिटेक्टिव विंग) निरीक्षक एस एन पाटीदार के नेतृत्व में आरक्षक दीपक कुमार, आरक्षक अरुण सिंह राठौर व आरपीएफ झाँसी स्टेशन आरक्षक आर बी श्रीवास्तव एवं आरक्षक अवनीश ने मय फोर्स के दतिया जिले के सेवड़ा कसबे से स्थित आकाश आनलाइन एण्ड फोटो कॉपी नामक दुकान पर छापा मारा। छापे के दौरान वहां पर 66 पर्सनल यूजर आइडियों पर ई-टिकट बनाकर अधिक मूल्य में बेचने के आरोप में साइबर कैफे संचालक विश्वजीत साहू थाना सेवड़ा जिला दतिया मप्र को गिरफ्तार कर लिया। वह रेलवे की ऐजेन्ट आईडी की आड में 66 पर्सनल यूजर आईडियों पर ई-टिकिट बनाकर अधिक मूल्य में बेच रहा था। इसके पास अतीत एवं भविष्य की यात्रा के भारी मात्रा में टिकटों की बरामदगी हुयी।

जनसेवा केन्द्र की आड़ में चल रहा था टिकट का खेल

क्राइम ब्रांच प्रभारी ने बताया गया कि विश्वजीत साहू एक शातिर साइबर अपराधी है जो जनसेवा केन्द्र की आड़ में अपने पास आये ग्राहकों के नाम, मोबाइल नंबर व ई-मेल आईडी से उनकी पर्सनल यूजर आईडी बनाकर उनका टिकिट बना देता। इसके बाद उनकी पर्सनल यूजर आईडियों को आईडी धारक की जानकारी के बिना अपने लाभ के लिये टिकिट बनाकर बेचता है जिसकी सूचना मिली थी उसी सूचना पर उपरोक्त कार्यवाही की गयी। अपराधी विरुद्ध रेलवे अधिनियम के तहत कार्यवाही करते हुए आरपीएफ पोस्ट झांसी स्टेशन पर मुकदमा पंजीकृत कर जांच की जा रही है।उनका कहना है कि अधिकृत एजेंट रहने के बावजूद स्वयं के आईडी से ई-टिकट जारी करने का खेल लंबे समय से संचालित हो रहा था। उसके व्यक्तिगत यूजर आईडी से रेलवे के ई-टिकटों की अवैध कालाबाजारी की जा रही थी। गौरतलब है कि आरपीएफ की ओर से टिकट के अवैध धंधे से जुड़े लोगों के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है जिससे इन धंधेबाजों में हड़कंप की स्थिति है।

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