बारिश से फसलों को 90% तक नुकसान:झांसी में किसान बोले- मजदूरी करके खरीदा था बीज, अब एक भी दाने की उम्मीद नहीं

झांसी15 दिन पहलेलेखक: सचिन सिंह

बुंदेलखंड के झांसी में लगातार 6 दिन तक हुई बारिश में किसानों की उम्मीदें टूट चुकी हैं। बारिश से खेतों में एक-एक फीट तक पानी भर गया। पक चुकी फसलें खराब हो गई है। पहले बारिश नहीं होने के कारण किसान खेतों की बुवाई नहीं कर पाए। जैसे-तैसे बुवाई की। तो अब पक चुकी फसल पर बारिश कहर बनकर बरस गई।

उड़द, मूंग और तिल की फसलों को 90% से ज्यादा का नुकसान हुआ है। किसानों को समझ ही नहीं आ रहा कि अब क्या करें? किसी ने फसल बेचकर बेटी की शादी की तैयारी का प्लानिंग कर रखी थी तो किसी ने कर्ज चुकाने की। लेकिन, अब तो खुद के खाने का ही संकट खड़ा हो गया।

चलिए, अब हम आपको ले चलते हैं खेतों और किसानों के बीच...

"मजदूरी करके खरीदा था बीज"

ये तस्वीर किसान श्रवण वंशकार की है। वह बारिश के कारण खराब हुई उर्द की फसल को हाथ में लेकर दिखा रहे हैं।
ये तस्वीर किसान श्रवण वंशकार की है। वह बारिश के कारण खराब हुई उर्द की फसल को हाथ में लेकर दिखा रहे हैं।

झांसी शहर से 20 किमी. दूर पर किलचवारा गांव है। रोड किनारे पेड़ के नीचे 75 साल के किसान श्रवण वंशकार सिर पर हाथ रखकर बैठे हैं। पूछने पर हाथ से इशारा करके बताते हैं कि बारिश से पूरी फसल चौपट हो गई। रोड किनारे उनके खेत की मूंग-उड़द की फसल काली पड़ चुकी है।

वह कहते हैं,"मजदूरी करके मूंग और उड़द का बीज खरीदा था। 4 एकड़ में बुवाई के बाद दिन हो या रात 3-4 महीने से खेत पर ही थे। डोर (पशु) भगाते रहे। 8 दिन पहले तक फसल बहुत अच्छी थी। लेकिन बारिश से पूरी फसल चौपट हो गई। अब एक दाने की भी उम्मीद नहीं है। समझ नहीं आ रहा। अब क्या किया जाए।"

"खेत में एक-एक फीट तक पानी भरा है"

कोमल केवट के उर्द के खेत में करीब एक फीट पानी भरा है। इससे पूरी फसल चौपट हो गई है।
कोमल केवट के उर्द के खेत में करीब एक फीट पानी भरा है। इससे पूरी फसल चौपट हो गई है।

ऐसे ही हालत मथुरापुरा और खजराहा बुजुर्ग गांव के हैं। किसान कोमल केवट के खेत में खड़ी फसल के बीच एक फीट तक पानी भरा है। वह बताते हैं,"बटिया के 10 बीघा और घर के दो बीघा में मूंग-उड़द बोए थे। 7-8 दिन पहले तक सब ठीक था और अच्छी फसल होने की उम्मीद थी। लेकिन भीषण बारिश से पूरी फसल चौपट हो गई। आप देखिए शनिवार शाम को बारिश हुई थी। 15 घंटे बाद भी खेत में एक फीट पानी भरा है। फसल सड़ गई और मूंग-उड़त की कौंसे अंकुरित हो गई।"

"अब नहीं हो पाएगी बिटिया की शादी"

पति की मौत के बाद ममता खेती करती हैं। उन्होंने सोचा था, अच्छी फसल होने पर वे इस साल सर्दियों में बेटी की शादी करेगी। लेकिन बारिश से फसल चौपट हो गई।
पति की मौत के बाद ममता खेती करती हैं। उन्होंने सोचा था, अच्छी फसल होने पर वे इस साल सर्दियों में बेटी की शादी करेगी। लेकिन बारिश से फसल चौपट हो गई।

खजराहा बुजुर्ग की किसान ममता बताती हैं, "मेरे पति की मौत हो चुकी है। घर में जवान बेटी है। सोचा था कि इस बार की फसल अच्छी होगी तो सर्दियों में बेटी की शादी कर दूंगी। लेकिन 4.5 बीघा के मूंग-उड़द की फसल बारिश के कारण सड़ गई। फसल से एक पैसा की आशा नहीं है।"

"धूप निकलते ही चटक जाएंगी कौंसे"

बारिश के कारण खेत में उड़द और मूंग की फसल में दाने अंकुरित हो गए।
बारिश के कारण खेत में उड़द और मूंग की फसल में दाने अंकुरित हो गए।

चंदनगर गांव में ही हालत ठीक नहीं है। यहां के खुमान झा पुत्र सरू झा बताते हैं, "बारिश से पूरे गांव में तिल, मूंग और उड़द की फसल खराब हुई है। फसल में कुछ कौंसे लगी है, जो धूप निकलते ही चटक जाएंगी और दाने खेत में गिर जाएंगे। हालत ऐसे है कि फसल से जुताई, बुबाई, मजदूरी का पैसा तक नहीं निकलेगा। सरकार को हमारी सुननी चाहिए और मुआवजा देना चाहिए।"

सिमरावारी गांव में भी बारिश से मूंग, उड़द और तिल को 70 से 90 प्रतिशत नुकसान है। बारिश के बाद धूप निकलते ही कौंस चटकेगी और दाने खेत में गिर जाएंगे। ऐसे में किसान गीली फसल काटकर खेत, खलियान और घर पर ले जा रहे हैं। यहां के गिरवर सिंह राजपूत बताते हैं, "मैंने 5 बीघा में उड़द व एक बीघा में मूंग बोई थी। बारिश से मूंग पूरी नष्ट हो गई। उड़द की फसल को 75 प्रतिशत नुकसान हुआ है। लागत तक नहीं निकल पाएगी।"

हर गांव में ऐसे ही हालत: भाकियू

बारिश के कारण उड़द, मूंग, तिली की फसल पीली और काली पड़ गई। कई जगह सड़ भी गई।
बारिश के कारण उड़द, मूंग, तिली की फसल पीली और काली पड़ गई। कई जगह सड़ भी गई।

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता अविनाश भार्गव कहते हैं, "बारिश से मची तबाही के बाद हर गांव में मूंग, उड़द और तिल की फसल बर्बाद हो गई। मैंने खुद बबीना ब्लॉक के 10 से ज्यादा गांवों का दौरा किया। एक भी ऐसा गांव नहीं है, जहां का किसान खुशहाल हो। बारिश के बाद किसान रो रहा है। सरकार को दखल देकर किसानों की मदद करनी चाहिए।"

डीएम बोले- फसलों में 90% से अधिक की क्षति
झांसी डीएम रविंद्र कुमार के मुताबिक, "पिछले 3 दिनों में हुई बारिश से फसलों (उड़द, मूंग, तिल) में 90 प्रतिशत से अधिक क्षति हुई है। एसडीएम, तहसीलदार, बीमा कंपनियों के द्वारा सर्वे कराकर अंतरिम सहायता प्रदान की जाएगी। सर्वे पूरा होने के बाद बीमा कंपनी से फसल क्षति का मुआवजा दिलाया जाएगा। तहसील स्तर पर गठित टीम से सर्वे कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।"

डीएम ने बताया कि जिले स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया है। किसान 0510-2371100 एवं 23711999 पर कॉल करके फसल क्षति की सूचना दे सकते हैं।

झांसी में इस बार फसल की स्थिति

फसलबुवाई
तिली44509 हेक्टेयर
उड़द27846 हेक्टेयर
मूंग12011 हेक्टेयर