झांसी में मूर्तियां उखाड़कर नाले में फेंकी, प्रदर्शन:पूजा करने से रोकने पर युवक ने की करतूत, CCTV से पकड़ा गया आरोपी

झांसी3 महीने पहले
झांसी में पीपल के नीचे रखी मूर्तियां नाले में मिलने के बाद लोगों ने रोष प्रदर्शन किया।

झांसी में धार्मिक स्थल से मूर्तियां उखाड़कर नाले में फेंकने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया। आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हिंदू संगठनों के नेता धरना पर बैठ गए। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक युवक को गिरफ्तार कर लिया है।

पूछताछ में बताया कि पूजा करने से रोकने पर उसने इस वारदात को अंजाम दिया है। युवक मानसिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है। सीपरी बाजार थाना पुलिस केस दर्ज कर उससे पूछताछ कर रही है। वहीं, मौजिज लोगों की मौजूदगी में फिर से मूर्तियों को स्थापित करा दिया है।

लोग पूजा के लिए पहुंचे तो नहीं थी मूर्ती

झांसी में मूर्तियां नाले में मिलने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया।
झांसी में मूर्तियां नाले में मिलने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया।

शहर के ग्वालियर रोड पर स्थित बड़ा पुल के नीचे वर्षों पुराने पीपल के पेड़ के नीचे धार्मिक स्थल पर मूर्तियां रखी हुई है। आसपास के श्रद्धालु इस पीपल के पेड़ के नीचे पूजा अर्चना करने के लिए आते थे। शनिवार सुबह जब श्रद्धालु पूजा अर्चना करने के लिए पहुंचे तो प्रतिमाएं गायब थीं।

आसपास खोजबीन करने के बाद प्रतिमा एक नाले में पड़ी मिली। इससे श्रद्धालुओं में आक्रोश फैल गया। सूचना मिलते ही हिंदू संगठनों के तमाम नेता मौके पर पहुंच गए और सड़क पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।

भारी पुलिस फोर लेकर अफसर मौके पर पहुंचे

मूर्तियों मिलने के बाद धरना-प्रदर्शन शुरू होने पर प्रशासनिक व पुलिस अफसर पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए।
मूर्तियों मिलने के बाद धरना-प्रदर्शन शुरू होने पर प्रशासनिक व पुलिस अफसर पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए।

हिंदू संगठनों के नेताओं को आते देख पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने सूझबूझ से काम लेते हुए प्रतिमा की सफाई करा कर पेड़ के पास एक चबूतरा बनवाकर प्रतिमा को स्थापित कर दिया।

सीसीटीवी कैमरे से पकड़ा गया आरोपी

एसएसपी शिवहरी मीना ने बताया कि घटना के बाद सीपरी बाजार थाना में केस दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो उसमें एक युवक मूर्ती ले जाते हुए नजर आया। उसकी पहचान लालता प्रसाद पुत्र घनश्यामदास के रूप में हुई है। जो मानसिक रूप से कमजोर है। वह घटनास्थल के पास फुटपाथ पर लेटता है। उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने स्थानीय संभ्रान्त नागरिकों की मदद से विधि विधान से मूर्तियों को दोबारा स्थापित करा दिया है।

मायके से नहीं आई पत्नी, पूजा से रोकने पर हो गया था नाराज

गिरफ्तार लालता प्रसाद ने पुलिस पूछताछ में बताया कि पिछले करीब दस साल से उसकी पत्नी बच्चों के साथ मायके में रहती है। शुक्रवार को वह उसे लेने गया था, लेकिन ससुराल के लोगों ने उसे पीटकर भगा दिया। फिर वह भांग खाकर पेड़ के नीचे आकर सो गया। पूजा के समय वहां से लोगों ने उसे भगा दिया। इससे वह नाराज हो गया। शनिवार सुबह मौका देखकर उसने मूर्ति को उठाकर नाले में फेंक दिया।

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