माता-पिता के निधन से अनाथ हुए दो बच्चे:10 माह पहले कोरोना से मां की मौत, अब हादसे ने पिता को छीना

झांसीएक महीने पहले
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सड़क हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार। - Dainik Bhaskar
सड़क हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कार।

कुदरत के कहर से दो मासूम बच्चे अनाथ हो गए। 10 माह पहले कोरोना से मां की मौत होने के बाद पिता ही उनका एकमात्र सहारा था। लेकिन सड़क हादसे में उनकी भी मृत्यु हो गई। दादा-दादी का पहले ही बीमारी के कारण निधन हो चुका है। मामला जालौन के पिरौना गांव का है।

परिवार के लोग मंगलवार को पोस्टमार्टम कराने के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया।

सड़क हादसे में गजेंद्र सिंह यादव की मौत हो गई। गजेंद्र की फाइल फोटो।
सड़क हादसे में गजेंद्र सिंह यादव की मौत हो गई। गजेंद्र की फाइल फोटो।

हादसे में प्रधान का ससुर घायल
पिरौना निवासी गजेंद्र सिंह यादव (32) पुत्र परमलाल खेतीबाड़ी करता था। रिश्तेदारों ने बताया कि खेत में पानी लग रहा था। इसलिए गजेंद्र अपने चचेरे भाई रामपाल (55) के साथ बाइक पर खेत पर जा रहा था। गांव के बाद पीछे से तेज गति में आई एक कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

हादसे में गजेंद्र और रामपाल घायल हो गए। दोनों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां पर गजेंद्र को मृत घोषित कर दिया। जबकि रामपाल को ग्वालियर रेफर किया गया है। उनकी हालत नाजुक है। रामपाल की बहू गांव की प्रधान है। हादसे के बाद दोनों वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। पुलिस ने दोनों वाहन जब्त कर कार चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
बच्चे पूछ रहे हैं पापा कहां हैं
रिश्तेदारों ने बताया कि गजेंद्र की पत्नी दयादेवी की कोरोना से करीब 10 माह पहले मौत हो चुकी है। जबकि गजेंद्र की मां विद्यादेवी की 15 साल पहले और पिता परमलाल की 10 साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। पत्नी की मौत के बाद गजेंद्र ही अपनी बेटी कलेंद्री (7) और राधे (5) का पालन पोषण कर रहा था। लेकिन हादसे ने गजेंद्र को भी छीन लिया। अब बच्चे पूछ रहे हैं कि पापा कहां हैं।