पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Uttar pradesh
  • Jhansi
  • Uttar Pradesh, Jhansi, 6 Lakh Children Under 14 Years In Jhansi But Only 50 Pediatricians Means Only One Doctor To Treat 12 Thousand Children

तीसरी लहर की तैयारी:झांसी में 14 साल से कम के 6 लाख बच्चे लेकिन बाल रोग विशेषज्ञ सिर्फ 50, मतलब 12 हजार बच्चों के इलाज के लिए सिर्फ एक डॉक्टर

8 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
झांसी मेडिकल कॉलेज में बच्चों के इलाज के लिए 100 बेड का आईसीयू तैयार किया जा रहा है। - Dainik Bhaskar
झांसी मेडिकल कॉलेज में बच्चों के इलाज के लिए 100 बेड का आईसीयू तैयार किया जा रहा है।
  • झाँसी में बच्चो के डॉक्टर की कमी इजाज के लिए जाना पड़ता है 30 से 60 किलोमीटर दूर

कोरोना ने दूसरी लहर में झाँसी में खूब कोहराम मचाया है अब तीसरी लहर को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी जारी की है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार बच्चों के लिए तीसरी लहर परेशानी खडी कर सकती है, इस को ध्यान में रखते हुए झांसी मेडिकल कॉलेज ने स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारी तेज कर दी हैं। मगर जिले में एक परेशानी ये है कि जिले में जितने बच्चे हैं, उसके अनुपात में बच्चों के डॉक्टरो की संख्या काफी कम है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन /आईएमए झाँसी में कुल 50 बाल रोग विशेषज्ञ ही रजिस्टर्ड है.

अगर इसको जनगणना के हिसाब से समझें तो जिले में 1 माह से लेकर 14 वर्ष तक के 6 लाख से भी ज्यादा बच्चे हैं, दस साल पहले हुई वर्ष 2011 की गणना के अनुसार 14 वर्ष तक के कुल 599427 बच्चे पंजीकृत हैं, मतलब 12 हजार बच्चों में केवल एक बाल रोग विशेषज्ञ है। झाँसी नगर के बाहर 8 समुदायिक केंद्र हैं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बताते हैं कि सिर्फ मऊरानीपुर सीएचसी सेंटर पर ही मात्र बाल रोग विशेषज्ञ तैनात हैं।

चिरगाँव,बड़ागांव,बबीना,गुरसराय,बामौर,मौठ,बंगरा में एक भी बच्चों का डॉक्टर नहीं

गुरसराय निवासी बालमुकुंद अपनी स्थानीय भाषा में बताते है कि हमारे यहाँ से अगर किसी का बच्चा बीमार होता है तो यही के डाक्टर से इलाज करवा लेत है, अगर कोनऊ बड़ी बीमारी होत तो झाँसी जाके इलाज करवात हैं। मतलब साफ़ है ग्रामीण इलाकों के लोग बच्चो के इलाज के लिए झोला छाप डॉक्टरों के भरोसे हैं। झांसी मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ ओमशंकर चौरसिया ने बताया कि मेडिकल कॉलेज किसी भी आपात स्थति से निपटने को तैयार है। कालेज में इस समय 6 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर और 26 जूनियर डॉक्टर है। निक्कू और पिक्कू को अपग्रेड किया जा रहा है। इसके अलावा 100 बेड अलग से एक माह से 18 वर्ष तक के बच्चों का पिक्कू वार्ड शासन की मंशा के अनुसार मनाया जा रहा है। विभागों में काफी कुछ सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं। बच्चों के इलाज में किसी तरह की समस्या नहीं होने दी जाएगी। साथ ही डॉक्टरों को विशेष ट्रेनिंग के माध्यम से ट्रेंड किया जा रहा है।

खबरें और भी हैं...