कन्नौज में अमृत सरोवर के निर्माण में अतिक्रमण का रोड़ा:BDO बोले- नहीं हटा तो चलेगा बुलडोजर, 7 बीघा की भूमि पर है अमृत सरोवर तालाब

कन्नौजएक महीने पहले
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कन्नौज में अमृत सरोवर के निर्माण कार्य को तेजी से कराये जाने के निर्देश है। लेकिन अतिक्रमणकारियों के कारण इस कार्य में रुकावट सामने आ रही है। अमृत सरोवर के स्थान पर किये गये अतिक्रमण के कारण बीते कई दिनों से हो रहा निर्माण कार्य रूका पड़ा है। जिसको लेकर जिला प्रशासन ने शीघ्र अतिक्रमण हटवाकर निर्माण कार्य शुरू कराये जाने के निर्देश दिये हैं।

जिले में 75 अमृत सरोवर का विकास कराये जाने के निर्देश दिये गये हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक अमृत सरोवर का विकास किये जाने को लेकर निर्माण कार्य भी शुरू कराये जा रहे हैं। लेकिन कई जगहों पर तालाबों पर अतिक्रमणकारियों ने अपना कब्जा जमा रखा है। तालाब की भूमि पर ही अतिक्रमण कर रखा है।

7 बीघा की भूमि पर अमृत सरोवर तालाब
ग्राम गौरियापुर स्थित अमृत सरोवर तालाब का भूमि संरक्षण अधिकारी प्रभारी बीडीओ जलालाबाद आरके वर्मा ने स्थलीय निरीक्षण किया। यहां पर 7 बीघा की भूमि पर अमृत सरोवर तालाब है। इस तालाब पर अमृत सरोवर के तहत निर्माण कार्य शीघ्र कराये जाने को लेकर उन्होंने अवैध अतिक्रमण किए लोगों को भूमि खाली करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर यह लोग जल्द से जल्द अमृत की सरोवर की भूमि पर से अतिक्रमण नहीं हटायेंगे तो अतिक्रमण को बुलडोजर से हटवाया जाएगा।

तालाब पर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर रखा है जिसके चलते यहां निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है।
तालाब पर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर रखा है जिसके चलते यहां निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है।

अमृत सरोवर के तट पर लगेंगे पौधे
प्रभारी बीडीओ आरके वर्मा ने ग्राम प्रधान रेखा देवी के प्रतिनिधि योगेन्द्र कुमार व ग्राम सचिव मदन लाल को अमृत सरोवर का शीघ्र निर्माण कराये जाने को लेकर निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि अमृत सरोवर में वर्ष पर्यन्त जल की उपलब्धता बनी रहे। इसकी व्यवस्था भी की जाएगी। लेकिन अमृत सरोवर को मुख्यतः वर्षा जल को संचित कर ही भरा जाएगा। अमृत सरोवर के तट पर अथवा आस-पास नीम, पीपल, कटहल, जामुन, बरगद, सहजन, पाकड़, महुआ आदि के पौधे लगाये जाएंगे। प्रत्येक ग्राम पंचायत में अमृत सरोवर के 100 स्थल सहित खेल मैदान का चयन कर चिन्हांकन व सीमांकन की कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करे। नालियों से होता हुआ गन्दा पानी सरोवर तक नहीं पहुंचे।