बोलने-सुनने में असमर्थ कन्नौज के उत्कर्ष को मिली संजीवनी:कानपुर के अस्पताल में हुआ निशुल्क इलाज, माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं

कन्नौज3 महीने पहले
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कानपुर के एक अस्पताल में निशुल्क उपचार कराया गया। जिसमें करीब 7 लाख रुपए का खर्च आया। - Dainik Bhaskar
कानपुर के एक अस्पताल में निशुल्क उपचार कराया गया। जिसमें करीब 7 लाख रुपए का खर्च आया।

कन्नौज जिले में जन्म से बोलने और सुनने में असमर्थ एक तीन साल के बच्चे को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य योजना कार्यक्रम के माध्यम से संजीवनी मिली है। कानपुर के एक निजी अस्पताल में सरकारी खर्च पर बच्चे का निशुल्क उपचार शुरू हुआ है।

बोलने और सुनने की बीमारी से ग्रसित था उत्कर्ष

जिले के जलालाबाद विकासखंड के ताखेपुरवा गांव के रहने रामजी लाल का 3 साल का बच्चा उत्कर्ष जन्मजात बोलने और सुनने की बीमारी से ग्रसित था। माता-पिता को भी उत्कर्ष की बीमारी की चिंता खाए जा रही थी। उनको लगता था कि उत्कर्ष का भविष्य कैसा होगा। लेकिन इसी बीच रामजी लाल को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना की जानकारी हुई. इसके तहत बच्चों का निशुल्क उपचार करवाया जाता है।

कानपुर के अस्पताल में हुआ निशुल्क उपचार

ऐसे में उन्होंने इस योजना से जुड़े डॉक्टर वरुण कटियार से मिलकर उत्कर्ष की बीमारी के बारे में बताया। डॉक्टर वरुण कटियार के द्वारा बच्चे के सभी डॉक्यूमेंट को एकत्रित किया गया और उपचार के लिए आगे की कार्यवाही शुरू की। जन्म से बोलने और सुनने में असमर्थ 3 साल के उत्कर्ष का कानपुर के एक अस्पताल में निशुल्क उपचार कराया गया। जिसमें करीब 7 लाख रुपए का खर्च आया।

इलाज कराने में असमर्थ थे माता-पिता

वहीं उपचार हो जाने के पश्चात माता-पिता में भी खुश हैं कि उनका बच्चा अब बोलने और सुनने लगेगा। उनका कहना है कि वह इतने महंगा उपचार अपने बच्चे का नहीं करा सकते थे। इलाज कराने में असमर्थ माता-पिता और 3 साल के उत्कर्ष के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम संजीवनी बनकर सामने आया है।

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