भोगनीपुर में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण परेशान:गांव के मुख्य मार्गों में भरा पानी, आवागमन बाधित, बाढ़ का सता रहा भय

भोगनीपुर , कानपुर2 महीने पहले
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कानपुर देहात के भोगनीपुर तहसील अंतर्गत यमुना नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ ने दस्तक दे दी है। जिसके चलते मूसानगर के आड़न पथार गांव के मुख्य मार्ग में जलस्तर बढ़ने से ग्राम वासियों में बाढ़ का भय सताने लगा है। वहीं जिला प्रशासन ने चरवाहों और मछुआरों को किनारों से दूर रहने की सलाह दी है। साथ ही बाढ़ टीमों को सतर्क कर दिया गया है।

भोगनीपुर तहसील क्षेत्र का ज्यादातर हिस्सा यमुना क्षेत्र के बीहड पट्टी में आता है। वहीं यमुना का जलस्तर बढ़ता है तो सेंगुर नदी भी उफनाने लगती है। चपरघटा गाँव के नजदीक क्योंटरा बांगर गांव के पास सेंगुर नदी का यमुना नदी में विलय हो जाता है। वहीं तीन दिनों से जलस्तर बढ़ने से आढ़न पथार गांव की पुलिया के ऊपर से पानी बह रहा है।

गांवों में घुसने लगा है बाढ़ का पानी

गांव का मुख्य मार्ग होने की वजह से लोग जान जोखिम में डालकर पानी के अंदर से निकलकर जाने को मजबूर हैं। जिस तेजी से जलस्तर बढ़ रहा है, उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि शीघ्र ही गांव के अंदर पानी पहुंच जाएगा। सेंगुर नदी के किनारे बसे ग्राम चपरघटा, मुशरिया, आढ़न पथार, कृपालपुर, कुम्भापुर, भरतौली, रसूलपुर, किसवा, दुरोली, सरौटा गांव में बाढ़ की आशंका है।

बाढ़ के पानी से होकर गुजरते लोग।
बाढ़ के पानी से होकर गुजरते लोग।

बाढ़ से होता है जनहानि का नुसान

इस बाढ़ से जनहानि का भारी नुकसान होता है। फसल के साथ-साथ मवेशियों को बचा पाना यहां से ग्राम वासियों के लिए टेढ़ी खीर साबित होता है। बाढ़ प्रभावित ग्रामवासी पूरन निषाद, घसीटे लाल निषाद,रमेश,अनूप,डोरी लाल, सूरज मल्लाह ने बताया कि बाढ़ की आशंका से हम लोग भयभीत हैं। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने जून महीने में कई बार आकर बाढ़ प्रभावित गांवों की स्थिति का जायजा लिया था। लेकिन बाढ़ से निपटने के लिए पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए पिछली बार कई दिनों तक अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी थी। लोग आशंकित हैं कि इसी तरह से पानी बढ़ता रहा तो गांवों के अंदर भी पानी आ जाएगा।

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