कानपुर देहात…चुनाव आते ही बीजेपी में शुरू हुई गुटबाजी:टिकट पाने के लिए लग रही लखनऊ तक दौड़, भाजपा को हो रहा भाजपा से ही खतरा

कानपुर देहात8 महीने पहले
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बीजेपी में चल रही गुटबाजी। - Dainik Bhaskar
बीजेपी में चल रही गुटबाजी।

उत्तर प्रदेश में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव 2022 नजदीक आते जा रहे हैं। वैसे वैसे कानपुर देहात में बीजेपी के क्षेत्रीय नेताओं व पदाधिकारियों की गुटबाजी भी बाहर आती जा रही है। सूत्रों की माने तो अपने अपने गुट के नेताओं को टिकट दिलवाने के लिए क्षेत्रीय कार्यकर्ता व पदाधिकारी ने अपनी अपनी विधानसभा से टिकट की दावेदारी भी करना शुरू कर दिया है।

गुटबाजी कर रहे संगठन

कानपुर देहात की 4 विधानसभाओं पर जहां पर बीजेपी का पहले से ही कब्जा है। अपने काम के दम पर 2022 के लिए हर विधानसभा से तत्कालीन विधायक भी टिकट की दावेदारी भी कर रहे हैं। कानपुर देहात की हर एक विधानसभा से अलग-अलग गुट के तीन से चार प्रत्याशी ऐसे हैं, जो टिकट पाने की जुगत में तत्कालीन विधायक की शिकायत व जिला स्तर पर चल रही गुटबाजी की जानकारी संगठन को भी दे रहे हैं।

विधायकों को कमजोर करने की कोशिश

अपनी दावेदारी पक्की करने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर तत्कालीन विधायक को कमजोर करने में कोई कोर कसर भी नहीं छोड़ रहे हैं। इस के साथ ही कानपुर देहात से लखनऊ दौड़ते करते हुए नजर आ रहे हैं। अगर हालात इसी कदर बने रहे तो 2022 विधानसभा चुनाव में ये कहना गलत नहीं होगा कि भाजपा को भाजपा से ही खतरा होगा।

विधायक के खिलाफ बना रहे रणनीति

पार्टी सूत्र बताते हैं कि अकबरपुर रनिया, भोगनीपुर सिकंदरा, रसूलाबाद विधानसभा की बात करें तो इन सभी विधानसभाओं में लगभग 2 से 3 गुट बीजेपी के देखने को मिल रहे हैं। सबसे खास बात ये देखने को मिल रही है कि जाति विशेष के आधार से गुटबाजी भी देखने को मिल रही है।

अपनी अपनी बिरादरी के कद्दावर नेता को टिकट दिलाने की जुगाड़ में गुटों में बट चुके पार्टी के कार्यकर्ता और क्षेत्रीय पदाधिकारी समय-समय पर विधानसभा क्षेत्रों में इन सभी के बीच की अंतर कलह भी साफ तौर पर देखने को मिल जाती है। अपने ही दल तत्कालीन विधायक के खिलाफ रणनीति बनाते हुए नजर आ रहे हैं।

जो संगठन फैसला लेगा वो मंजूर होगा

कानपुर देहात में बीजेपी के पदाधिकारी ने नाम ना छापने की बात कहते हुए बताया कि पार्टी के अंदर चल रही गुटबाजी की बात तो सही है, लेकिन किसी भी प्रकार से संगठन को कोई नुकसान पहुंचाने का काम कोई भी गुट नहीं कर रहा है। रही टिकट मांगने की बात तो वो अधिकार सभी के पास है। टिकट किसे देना है या नहीं देना है ये तय करने का अधिकार राष्ट्रीय और प्रदेश संगठन के पास है। जो भी फैसला लेंगे वह हम सब को मानना होगा।

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