रसूलाबाद से मेरठ के लिए निकली तीन बसें:63 विस्थापित हिंदू परिवार आएंगे कानपुर देहात, प्रत्येक बस में एक लेखपाल शामिल

रसूलाबाद13 दिन पहले

कानपुर देहात के रसूलाबाद तहसील के भैसायां गांव के महेन्द्रनगर में मेरठ में रह रहे 63 बंगाली विस्थापित परिवारों को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पट्टा देकर उन्हें जमीन का मालिकाना हक पहले ही दे चुके हैं, अब जिला प्रशासन उन्हें रसूलाबाद लाने की तैयारियां कर रहा है। जिसके चलते जिला प्रशासन ने जल्द ही मेरठ से तीन बसों के माध्यम से 63 विस्थापित हिंदू परिवार को लेने के लिए शनिवार को बसें रसूलाबाद से निकल चुकी है।

प्रत्येक बस में एक लेखपाल और एक ग्राम पंचायत सचिव भी है शामिल

एसडीएम रसूलाबाद डॉ. जीतेंद्र कटियार ने बताया कि सरकार के निर्देशानुसार विस्थापित परिवारों को बसाने के लिए भूमि को पहले ही चिह्नित किया जा चुका है।और विस्थापित परिवारों को लेने के लिया नायब तहसीलदार मनोज रावत के नेतृत्व में तीन बसें रसूलाबाद से मेरठ के लिए रवाना की गई है।उन्होंने बताया कि प्रत्येक बस में एक लेखपाल और एक ग्राम पंचायत सचिव को भी साथ में भेजा गया है 16 मई तक सुरक्षित रसूलाबाद विस्थापित हिंदू परिवार आ जाएंगे। कस्बे के काशीराम कॉलोनी में बांग्लादेशी परिवारों को ठहराया जाएगा।

विस्थापित हिंदू परिवार की अब संख्या हो गई 813

रसूलाबाद तहसील के भैसायां गांव के महेन्द्रनगर से 63 परिवार जल्द ही आने वाले है।इस पहले इंदिरा गांधी भी 1982 में भैसायां गांव के महेन्द्रनगर में 252 परिवारों को बसाया गया था जिनकी संख्या बढ़कर इस समय लगभग 750 हो चुकी है। वहीं अब 63 परिवार और इन लोगों से जुड़ गए हैं जिसके चलते अब बंगाली विस्थापित परिवारों की संख्या बढ़कर 813 हो गई है।

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