जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते पंचायत घर खंडहर में तब्दील:ग्रामीणों को ब्लॉक परिषद के लगाने पड़ रहे चक्कर, विकास कार्यों पर ग्रहण

रसूलाबाद2 महीने पहले
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उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में गांव की दशा को सुधारने की कवायद करते हुए। ग्राम पंचायतों में लाखों रुपए खर्च करके ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन बनवाए गए। जहां पर गांव के ग्रामीणों को विकास कार्यों के लिए विकासखंड के चक्कर लगाने पड़े और ग्राम पंचायतों में दी जाने वाली योजनाओं को सीधा लाभ लाभार्थी तक पहुंचे। जिसके लिए ग्राम पंचायत में बना हुआ है। पंचायत घरों में सहायक ग्राम विकास अधिकारियों की नियुक्ति भी की गई। लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते विकास कार्यों पर ग्रहण लगा हुआ है।

ताजा मामला रसूलाबाद विकासखंड के ग्राम पंचायत नौहा नौगांव व मजरा कुशल पुरवा के ग्राम पंचायत घर का है। जहां जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते पंचायत घर खंडहर में तब्दील होते जा रहे हैं। वही जब पंचायत घरों की अव्यवस्थाओं को लेकर ग्राम विकास अधिकारी दीपक त्रिपाठी से बातचीत की गई। उन्होंने बताया उस ग्राम पंचायत में कोई पंचायत घर नहीं है। जब वहां की तस्वीरें दिखाई तो उन्होंने दो पंचायत घर बने होने की बात स्वीकारी। जिसमें एक पंचायत घर कुशल पुरवा जिसमें ग्रामीणों ने भूसा कंडा भर दिया है।

कुशल पुरवा गांव में बनी पंचायत घर लगभग 20 वर्ष पुरानी

दूसरी पंचायत घर नौहा नौगांव मे जिसमें 1 ग्राम वासी ने कब्जा कर रखा है इन दोनों पंचायत घरों को खाली कराने के लिए कार्रवाई की जा रही। लेकिन अभी तक खाली नहीं हो पाए। वहीं अन्य सवालों पर ग्राम विकास अधिकारी बचते नजर आए। जहां पर ग्रामीण राम अवतार ने बताया कुशल पुरवा गांव में बनी पंचायत घर लगभग 20 वर्ष पुरानी है। जिसमें ना कोई अधिकारी देखने आता है ना ही कोई इस पर ध्यान दे रहा है।

नौहा नौगांव में पंचायत में नही रहता कोई कर्मचारी

वही नौहा नौगांव निवासी राकेश कुमार ने बताया पंचायत घर काफी वर्ष पुराना है जिसमें ना कोई कर्मचारी रहता है और ना ही कभी कोई अधिकारी देखने आया। जहां पर खाली पड़े पंचायत घर को एक ग्रामीण उपयोग कर रहा है। वही ग्रामीण रविंद्र सिंह ने बताया पंचायत घर तो बहुत दूर है। यहां पर कोई अधिकारी नहीं आया ना ही साफ सफाई हुई। जहां पर ग्राम पंचायत के समस्याओं के लिए कर ब्लॉक अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

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